शीला दीक्षित सपा से गठबंधन के पक्ष में, मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी भी छोड़ने को तैयार

नई दिल्ली ( 4 जनवरी ): उत्तर प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है, लेकिन अभी गठबंधन की संभावनाओं को खारिज नहीं किया जा सकता। पिछले कई दिनों से एसपी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की खबरें चल रही हैं लेकिन एसपी अपनी अंदरूनी कलह से ही नहीं निकल पा रही है।

उत्तरप्रदेश में कांग्रेस की मुख्यमंत्री उम्मीदवार शीला दीक्षित ने बुद्धवार को कहा कि वे समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के पक्ष में हैं। उनका बयान उस दिन आया है, जब चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है। खबरों के मुताबिक शीला दीक्षित ने कहा कि‘मुझे उम्मीद है कि समाजवादी पार्टी और वैसी ही विचारधारा वाली अन्य पार्टियां एक सेकूलर फॉर्म बनाने में मदद करेंगी।’ साथ ही उन्होंने कहा, ‘अगर समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस का गठबंधन होता है, तो मैं मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी छोड़ने को तैयार हूं।’शीला दीक्षित ने कहा कि अखिलेश की छवि अच्छी है इसलिए ज्यादा पार्टी के लोग अखिलेश के साथ हैं।

पहले रिपोर्ट्स आई थीं कि यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव में गठबंधन के लिए कांग्रेस के नेताओं से बातचीत की थी। इससे पहले कांग्रेस ने कहा था कि वह अखिलेश यादव के साथ गठबंधन को तैयार है।

बता दें, समाजवादी पार्टी में अभी तनातनी चल रही है। सीएम अखिलेश यादव और सपा प्रमुख मुलायम सिंह अलग-अलग हो गए हैं। अखिलेश के साथ उनके चाचा और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव हैं तो वहीं दूसरी ओर मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव एक तरफ हैं। दोनों पक्षों में विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया है कि रामगोपाल यादव ने घोषणा कर दी कि पार्टी अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। ऐसे में संभावना जताई जा रही थी कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर विधानसभा चुनाव लड़ सकती है।