उड़ने वाली है गुरु-चेले की नींद, बीजेपी और कांग्रेस एक जैसी पार्टी: मायावती

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 जनवरी): लोकसभा चुनावों के लिए मगठबंधन का ऐलान करते हुए बसपा सुप्रीम मायावती ने बीजेपी को खुली चुनौती दी। उन्होंने बीजेपी को केंद्र में आने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश में गठबंधन को जरूर बताया। मायावती ने प्रेस कांफ्रसें में कहा कि इस गठबंधन से नरेंद्र मोदी और अमित शाह, दोनों गुरु-चेले की नींद उड़ाने वाली है। जनहित में सपा और बसपा का गठबंधन हुआ।

मायावती ने कहा कि जनहित में सपा और बसपा का गठबंधन हुआ। बीजेपी के तानाशाही रवैये से जनता परेशान है। देशहित में लखनऊ गेस्ट हाउस कांड से भी ऊपर उठकर यह गठबंधन हो रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ सन 1993 में विधानसभा चुनावों में काशीराम जी और मुलायाम सिंह जी के गठबंधन में चुनाव लड़ा गया और सरकार बनाई गई थी। बीजेपी की जहरीली, सांप्रदायिक और जातिवादी राजनीतिक से प्रदेश को दूर रखने की मंशा ऐसा किया गया था। देश में दोबारा ऐसे हालातों के बीच बीएसपी ने एक बार फिर ऐसा करने की जरूरत महसूस की है।

कांग्रेस के साथ गठबंधन न करने के सवाल पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि आजादी में काफी लंबे समय तक देश और अधिकांश राज्यों में कांग्रेस ने राज्य किया। कांग्रेस के शासनकाल में गरीबी, भ्रष्टाचार बढ़ा है। कांग्रेस और बीजेपी की सोच और कार्यशैली एक जैसी नजर आती है। रक्षा सौदे की खरीद में इन दोनों सरकारों में जबरदस्त घोटाले हुए। कांग्रेस के साथ लड़ने में हमें कोई खास फायदा नहीं होता है। पहले कांग्रेस ने बोफोर्स किया और अब बीजेपी जल्द ही राफेल की डील में गड़बड़ी के चलते देश की सत्ता से बाहर जाने वाली है।

जनता देख रही है अपमान- कांग्रेस

एसपी-बीएसपी गठबंधन पर कांग्रेस की तरफ से पहला बार कोई बयान सामने आया है। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने एसपी-बीएसपी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस अपमान को जनता देख रही है। हम सब को साथ लेकर चलने वाले दल हैं। एसपी-बीएसपी के साथ और कांग्रेस के अलग चुनाव लड़ने से गैर-बीजेपी वोटों का विभाजन होगा। सूत्रों ने बताया कि इस गठबंधन में शामिल होने के लिए कांग्रेस 20 सीट मांग रही थी, जबकि सपा और बसपा उनको 5 से ज्यादा सीट देने को तैयार नहीं थी। इसीलिए कांग्रेस ने खुद को गठबंधन से अलग करने का निर्णय किया।