मून जे बने द. कोरिया के नए राष्ट्रपति, उ. कोरिया से संबंध सुधारने की जताई इच्छा

सियोल (10 मई): उत्तर कोरिया से जारी तनाव के बीच मून जे दक्षिण कोरिया के ने राष्ट्रपति के रुप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया के मून जे इन शानदार जीत दर्ज की है। इसके साथ ही दक्षिण कोरिया में कंजरवेटिव शासन का अंत हो गया है। मून एक उदारवादी नेता माने जाते हैं। दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति मून जे इन ने चुनाव में मिली भारी जीत के एक दिन बाद आज शपथ ग्रहण की। शपथ लेने के ठीक बाद उन्होंने परमाणु हथियारों से लैस उत्तर कोरिया के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच प्योंगयांग जाने की इच्छा जताई।


आपको बता दें कि उत्तर कोरिया के साथ तनाव के माहौल में संपन्न हुए इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया के उम्मीदवार और उदारवादी विचारधारा के 'मून जे इन ' को मध्यमार्गी विचारधारा के आह्न चेओल-सू से कड़ी टक्कर रही। मून जे इन उत्तर कोरिया के साथ अच्छे संबंध बनाने के पक्षधर हैं। जबकि पूर्व राष्ट्रपति पार्क गून हे ने उत्तर कोरिया के साथ सभी संबंधों को खत्म करना चाहते थे। 64 वर्षीय मून इससे पूर्व 2012 में भी राष्ट्रपति चुनाव लड़े थे। लेकिन तब वे पार्क गून हे से पराजित हो गए थे।


जानकारों के मुताबिक मून अमेरिका के विरोध में काम करेंगे। अपनी एक किताब में उन्होंने जिक्र किया है कि दक्षिण कोरिया अब अमेरिका को न कहना सीख ले। वह उत्तर कोरिया के साथ नए स्तर से संबंध बनाने के हिमायती हैं। इस मसले पर उन्होंने पूर्ववर्ती कंजरवेटिव सरकारों की आलोचना भी की है। उनका मानना है कि उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का दौर शुरू करने के साथ दबाव व प्रतिबंध का दांव भी खेलना जरूरी है। पिछले चुनाव में वह पार्क ग्यून से पराजित हो गए थे। उधर, कंजरवेटिव लोगों की चिंता है कि मून की उदारवादी नीतियां उत्तर कोरिया के साथ व्यापार को बढ़ावा देने की रहेंगी। इससे पड़ोसी देश को आर्थिक लाभ होगा। वह परमाणु कार्यक्रम और तेज कर देगा।