AUSvsSA: टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया को मिली दूसरी सबसे बड़ी हार

नई दिल्ली (03 अप्रैल): वांडरर्स क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए टेस्ट सीरीज के चौथे और आखिरी मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 492 रनों से हरा दिया। इसके साथ दक्षिण अफ्रीका ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज 3-1 से अपने नाम कर ली और विवादों से भरी इस टेस्ट सीरीज का भी अंत हो गया।

दक्षिण अफ्रीका की रनों के लिहाज से टेस्ट क्रिकेट में अब तक सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने 2007 में न्यूजीलैंड को जोहांसबर्ग में  358 रनों से मात दी थी। दक्षिण अफ्रीका 48 साल बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने घर में टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब रहा।

इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने 1969-70 में ऑस्ट्रेलिया को घरेलू सीरीज में 4-0 से हराया था। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से यह चौथी सबसे बड़ी जीत है। टेस्ट में रनों के लिहाज से  सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड (675 रन) इग्लैंड के नाम है। इंग्लैंड के खिलाफ 1928 में ब्रिस्बेन में खेला गया वह टेस्ट मैच डॉन ब्रैडमैन का डेब्यू टेस्ट मैच था।

टेस्ट में रनों के लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी जीत

  • 675 रन इंग्लैंड विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया, ब्रिस्बेन, 1928
  • 562 रन ऑस्ट्रेलिया विरुद्ध इंग्लैंड, ओवल, 1934
  • 530 रन ऑस्ट्रेलिया विरुद्ध साउथ अफ्रीका, मेलबर्न, 1911
  • 492 रन साउथ अफ्रीका विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया, जोहानिसबर्ग, 2018

आखिरी मैच के चौथे दिन ही मेजबान दक्षिण अफ्रीका मेहमान ऑस्ट्रेलिया को हराने के करीब दक्षिण अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी छह विकेट पर 344 रनों पर घोषित कर ऑस्ट्रेलिया को 612 रनों का विशाल लक्ष्य दिया। दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अपने तीन विकेट 88 रनों पर ही गंवा दिए थे। खराब रोशनी के कारण दिन का खेल जल्दी खत्म कर दिया गया। स्टम्प्स तक पीटर हैंडसकॉम्ब 23 और शॉन मार्श सात रन बनाकर खेल रहे थे ऑस्ट्रेलिया तब 524 रन पीछे था।

पांचवे दिन की शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलियाई विकेटों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया था. दिन की पहली गेंद पर वार्नेन फिलैंडर ने शॉन मार्श को बावुमा के हाथों कैच करा कर संकेत दे दिया कि वे मैच का फैसला जल्दी ही करना चाहते हैं। इसके बाद चौथी ही गेंद पर मिशेच मार्श को भी विकेट के पीछे लपकवा कर अपना 200वां विकेट पूरा