गांगुली का पलटवार- 'शास्त्री ऐसा समझते हैं तो मूर्खों की दुनिया में जी रहे हैं'

नई दिल्ली (29 जून) :  बीसीसीआई की क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) के सदस्य सौरव गांगुली ने रवि शास्त्री पर करारा पलटवार किया है। गांगुली ने कहा है, 'अगर शास्त्री ये समझते हैं कि उनकी जगह अनिल कुंबले को टीम इंडिया का कोच बनवाने के लिए मैं ज़िम्मेदार हूं तो वे मूर्खों की दुनिया में जी रहे हैं।' बता दें कि शास्त्री ने एक बयान में कहा था कि कोच के लिए जब उनका इंटरव्यू चल रहा था तो गांगुली ने बैठक में मौजूद ना रहकर उनका अपमान किया था, साथ ही कोच की नियुक्ति की प्रक्रिया का अपमान किया था।

गांगुली ने कहा, "उनका ये सुझाव मुझे गुस्सा दिलाने वाला है कि मुझे ऐसी बैठक के लिए उपलब्ध रहना चाहिए था। मैं बीसीसीआई की बैठकों के लिए पिछले कई अर्से से हिस्सा बनता रहा हूं। मैं हमेशा उपलब्ध रहा हूं। मेरी रवि को सलाह है कि जब भारत का कोच चुना जा रहा था, जो कि बहुत अहम जॉब है, तो उन्हें कमेटी के सामने होना चाहिए था ना कि बैंकॉक में बैठकर हॉलिडे मनाने के दौरान प्रेज़ेंटेशन देना चाहिए था।"  

गांगुली ने कहा कि वे शास्त्री के बयानों से दुखी और नाराज़ हैं। गांगुली ने कहा, "मैंने कई अखबारों में पढ़ा और अनदेखी की। लेकिन मुझे तब बहुत दुख हुआ जब उन्हें खुद अपने मुंह से ये बातें कहते हुए प्रसारण में सुना। वो भी ऐसे शख्स से जो बीते 20 साल से बीसीसीआई की हर कमेटी में रहा है। वो 10 साल पहले कोच को चुनने वाली मेरी भूमिका में थे। वो हर चीज़ से अवगत हैं। मैंने 19 जून को ही बीसीसीआई को सूचित कर दिया था। मेरे पास अधिकृत मेल हैं। बीसीसीआई से हरी झंडी मिलने पर मैं इन मेल्स को सार्वजनिक कर दूंगा।"

गांगुली ने कहा कि "जब तीन सदस्यीय कमेटी हो और निर्णय लेने के लिए अहम लोग शामिल हों तो ये सिर्फ अकेले सौरव गांगुली का ही सवाल नहीं रहता, इस तरह की निजी टिप्पणी बहुत दुख देने वाली हैं।"

सार्वजनिक तौर पर शास्त्री की बयानबाज़ी पर गांगुली ने कहा कि उन्हें अधिक गंभीरता दिखानी चाहिए थी जो कि खुद इतने साल तक ऐसी कमेटियों में शामिल रहे।