सौरव गांगुली ने किया बड़ा खुलासा, बोले– 'टीम इंडिया का कोच बनने को बेताब था'

नई दिल्ली (25 नवंबर): टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने आज कहा कि वह राष्ट्रीय कोच बनने के लिए “बेताब” थे, लेकिन अंत में वे एक प्रशासक बन गए। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बंगाल क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि आज जो करना चाहते हैं उसे करते रहिए। नतीजे के बारे में नहीं सोचना चाहिए। आप कभी नहीं जान सकते की जीवन कहा जा रहा है। आपको कभी नहीं पता होगा कि आपको जीवन कहां ले जाएगा।

उऩ्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मैं 1999 में ऑस्ट्रेलिया गया था, मैं उप कप्तान भी नहीं था। सचिन तेंदुलकर कप्तान थे और उसके तीन महीने बाद ही मैं टीम इंडिया का कप्तान बन गया। इस दौरान सौरव गांगुली ने टीम इंडिया के पूर्व कोच ग्रेग चैपल के साथ विवाद पर भी खुलकर बात की। दरअसल साल 2006 के जनवरी में उऩको टीम से ड्रॉप कर दिया गया। हालांकि उसी साल दिसंबर में वापसी साउथ अफ्रीका के खिलाफ वापसी भी हुई जिसमें मैंने जोहानसबर्ग में खेले गए मुकाबले में नाबाद 51 रन बनाए।

 उन्होंने कहा कि हालांकि उसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ भी अच्छी बल्लेबाजी की और 2008 में नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में दोहरा शतक भी लगाया। सौरव गांगुली ने कहा कि जब वे 2008 में क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया तो सचिन मेरे पास आए और पूछा कि तुमने ये फैसला क्यों किया। आपको बता दें कि सौरव गांगुली ने एक कोलकाता में एक कार्यक्रम में ये बात कही है।

उनका जवाब था कि वे अब मैच ऩहीं खेलना चाहते। उन्होंने कहा कि इसका कारण ये नहीं है कि आपके पास खेल काफी है, लेकिन उन दिनों मैं पाया कि जब आप टीम पर निर्भर नहीं होते तो व्यक्तिगत खेल बहुत बेहतर होता है। गांगुली ने कहा कि उस समय टीम के खेल में सबसे बड़ी समस्या यह थी कि एक को दूसरे के लिए चुना जाता था, इसलिए भी अगर कोई अच्छा काम करता है तो भी उसे जगह नहीं मिल सकती।