जमाल बने 'बजरंगी भाईजान', 6 साल बाद सोनू को पहुंचाया घर

नई दिल्ली (30 जून): छह साल पहले दिल्ली के सीमापुरी से किडनैप किया गया सोनू नाम का लड़का गुरुवार को अपने देश वापस लौट आया। लौटने पर उसके डीएनए का टेस्ट हुआ जिसमें मां से उसका डीएनए मैच हो गया। बांग्लादेशी नागरिक जमाल इब्नमूसा ने उसकी जानकारी दी। इसके बाद इसे दिल्ली लाया गया। खुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोनू के भारत आने की खबर दी। सुषमा ने कहा- हमारी कोशिश रंग लाई। बांग्लादेश ने सोनू को इंडियन अथॉरिटी को सौंप दिया है।

2010 में किडनैप हुआ सोनू बांग्लादेश के चाइल्ड केयर होम में रह रहा था। बच्चे को ट्रेस किए जाने के बाद सुषमा स्वराज के कहने पर इंडियन हाईकमीशन की एक टीम को वहां भेजा गया। दरअसल मूसा ने सोनू के होने की खबर उसकी मां मुमताज को दी। इसके बाद मूसा, सोनू के फैमिली मेंबर्स के साथ जाकर फॉरेन सेक्रेटरी से मिले। ये लोग सुषमा स्वराज से भी मिले।

सोनू ने बताई आपबीती, बचाने वाला ही गया जेल सोनू ने बताया कि उसे एक महिला ने किडनैप करके बांग्लादेश ले गई थी। वहां उसे मारा-पीटा जाता था और कई दिनों तक भूखा भी रखा जाता था। इधऱ, सोनू की मां मुमताज ने बताया कि सोनू के लापता होने के बाद एक महिला ने फोन किया। बच्चे के बदले फिरौती की मांग की। इसके बाद सोनू को किडनैप किए जाने का मामला दर्ज किया गया था। सोनू का किडनैप रहीसा बेगम और उसकी बहन अकलीमा बेगम ने ही किया था।

हैरानी की बात ये है कि सोनू की खबर को सामने लाने वाला मूसा को ही पुलिस ने फंसा दिया था। मूसा ने जब पहली बार सोनू के बारे में पुलिस को बताई तो पुलिस ने मूसा को ही झूठे केस में अंदर कर दिया। एक महीने जेल में रहने के बाद भी मूसा ने हिम्मत नहीं हारा। 

मूसा ने जेल से बाहर आकर दोबारा पुलिस में शिकायत की। इस बार पुलिस ने एक्शन लिया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया साथ ही सोनू को चाइल्ड केयर होम भेज दिया। मामले में बांग्लादेश की एक कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने आदेश दिया कि सोनू की मां मुमताज और उसके पिता बांग्लादेश आएं और अपने बच्चे को ले जाएं।