दिल्ली: देह व्यापार की 'क्वीन' सोनू पंजाबन पर हमला

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 जनवरी):  दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में देह व्यापार के धंधे की 'क्वीन' कही जाने वाली सोनू पंजाबन की कार पर पुश्ता रोड पर आज तड़के गोलियां चलने की खबर है। सोनू ने दावा किया कि कारसवार कुछ लोगों ने उसकी कार को ओवरटेक कर रोका और ताबड़तोड़ तीन गोलियां दागकर भाग गए। किस्मत अच्छी रही कि तीनों गोलियां ड्राइविंग सीट के अगल-बगल से गुजर गईं। सोनू का यह 'किस्मत कनेक्शन' पुलिस को चौंका रहा है। 

पुलिस के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पहली जांच में सोनू के बयान और घटनास्थल के हालात मेल नहीं खा रहे है। बयानों में विरोधाभास हैं। मौके पर गोली चलने के सबूत जरूर हैं, लेकिन यह आशंका भी है कि हमला सोची-समझी योजना के तहत हो सकता है। सोनू की कार पर जिस समय गोलियां चलीं, वह कार में अकेली थी। कुछ देर पहले अपने 9वीं में पढ़ने वाले बेटे और भाई को उनके घर छोड़कर कहीं जा रही थी। कहां जा रही थी? कौन हमला कर सकता है? आदि सवालों पर पुलिस की जांच जारी है। जांच के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी।

घटना रात करीब 2:45 बजे की है। सोनू का कहना है कि रात उसने पहले अपने 9वीं में पढ़ने वाले बेटे को शकरपुर स्थित घर छोड़ा। उसके बाद भाई को छोड़ने गीता कॉलोनी गई। वहां से लौट रही थी, उसी दौरान लक्ष्मी नगर पुश्ता रोड पर कार सवार कुछ लोगों ने उसकी कार को ओवरटेक करके रोका और फायरिंग कर दी। दो गोलियां कार के सामने का शीशा चीरते हुए ड्राइविंग सीट के आसपास लगीं। वह बाल-बाल बची। एक गोली पैसेंजर सीट पर लगी। उसने पीसीआर कॉल की। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है।

सोनू 7 दिन की अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर है। जमानत अवधि खत्म होते ही जेल वापस जाना है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोनू पर सैक्स रैकेट चलाने के कई केस दर्ज हैं, जिनमें वह आसानी से जमानत पर बाहर आती रही है, लेकिन जब से क्राइम ब्रांच ने उसे एक नाबालिग लड़की की खरीद-फरोख्त, किडनैपिंग, रेप और पॉक्सो केस में जेल पहुंचाया है, उसकी जमानत की राह मुश्किल हो गई है। पिछले साल उस केस में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। कुछ दिन पहले मां के इलाज के लिए कोर्ट ने एक सप्ताह की अंतरिम जमानत दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल की फोरेंसिक जांच हो रही है। सोनू के बयान भी क्रॉस चेक हो रहे हैं। जल्द सच सामने आ जाएगा।

सोनू पंजाबन उर्फ गीता अरोड़ा के खिलाफ 16 साल की नाबालिग के अपहरण, रेप और जबरन देह व्यापार कराने जैसे संगीन इल्जाम हैं, जिसमें पिछले साल क्राइम ब्रांच चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। चार्जशीट में जिक्र है कि सोनू ने 2009 में किसी से एक लड़की को 1 लाख रुपये देकर खरीदा। पहले उसने नाबालिग को ड्रग्स की लत का शिकार बनाया और फिर उसे क्लाइंट्स के पास देह व्यापार के लिए भेजने लगी। बाद में उसने लखनऊ में किसी और ट्रैफिकिंग करने वाले गैंग को लड़की बेच दी और वहां से वही लड़की फिर से दिल्ली के तिलक नगर पहुंच गई। 2013 में लड़की को रोहतक के एक शख्स को बेच दिया गया और वहां से वह किसी तरह बचकर भाग निकली और बस से नजफगढ़ पहुंची जहां उसने पुलिस को पूरी आपबीती बताई। पुलिस का कहना है कि सोनू देह व्यापार का धंधा संगठित तरीके से करती रही है। फ्रीलांस कॉलगर्ल्स को क्लाइंट्स के पास भेजती है, जिनमें ज्यादातर कॉलेज स्टूडेंट्स होती हैं। पुलिस कहती है कि वह उनसे वॉट्स ऐप मेसेज और विडियो कॉल के जरिए संपर्क में रहती थी। लड़कियों को क्लाइंट के पास भेजने के लिए 30 फीसदी कमिशन लेती थी, जो अमूमन 20 से 25 हजार रुपये के करीब होता।