फतवे के विरोध में सोनू ने मुंड़वाया सिर

नई दिल्ली(19 अप्रैल): अजान विवाद पर आज सोनू निगम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपना पक्ष रखा। सोनू ने कहा कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि एक छोटी सी बात को इतना बड़ा बना दिया है। उन्होंने अपने ऊपर हो रहे चौतरफा हमले के विरोध में अपना सिर मुंड़वा लिया।


- उन्होंने साफ शब्दों में कहा, 'आज जब कई लोग उन्हें ऐंटी-मुस्लिम बता रहे हैं तो यह उनकी समस्या नहीं है। यह ऐसे लोगों की सोच की दिक्कत है, क्योंकि उनके सबसे नजदीक जो लोग हैं वे सभी मुस्लिम हैं। उन्होंने कहा कि एक ऐसे शख्स पर इस तरह का इल्ज़ाम लगाना जो मोहम्मद रफी को अपना पिता मानता हो, सरासर गलत है और यह ऐसे लोगों की सोच की दिक्कत है।'


- सोनू निगम ने कहा, 'ट्वीट को समझा नहीं गया। सिर्फ उस हिस्से को उछाला गया, जिससे मुद्दा बने। आज हम यूरोपीय देशों जैसे बनने की बात करत हैं, लेकिन क्या हम उनके जैसे हैं? क्या हमारी सोच वैसी है? अभिव्यक्ति के अधिकार की बात कही जाती है तो क्या मुझे वह अधिकार नहीं है...?' सोनू निगम ने कहा कि मेर सिर्फ इतना कहना है कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर जरूरी नहीं हैं। वह चाहे मंदिर हो, मस्जिद हो या गुरुद्वारा हो।


- सोनू निगम ने कहा, 'इस बात को कहने के पीछे मेरा कोई धार्मिक उद्देश्य नहीं था। यह सामाजिक दृष्टि से कही गई एक बात थी। मैं एक ऐसा शख्स हूं जो हर धर्म को मानता हूं, लेकिन हमें ही सोचना होगा कि हम कैसा देश बना रहे हैं। जहां कोई भी किसी के लिए फतवा निकाल सकता है। ऐसी बातें बोल सकता है।'


- आपको बता दें कि मुस्लिम नेता और पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक यूनाइटेड काउंसिल के उपाध्यक्ष सैयद शाह आतेफ अली कादरी ने मंगलवार को सोनू निगम के द्वारा अजान पर की गई टिप्पणी को लेकर फतवा जारी किया है।


- सोनू ने कहा कि अर मेरे शब्दों से किसी को यह लगता है कि मैंने उनके पैगम्बर मोहम्मद साहब की आलोचना की है तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं, क्योंकि मेरा ऐसा कोई मकसद नहीं था। अहमद पटेल की बात का जिक्र करते हुए सोनू ने कहा कि मेरी बात को उन्होंने बहुत बेहतर तरीके से कहा है कि अज़ान जरूरी है, लाउडस्पीकर नहीं।


- सोनू निगम ने फतवे के अनुसार अब अपना सिर मुंड़वा लिया है। उन्होंने कहा कि मेरा सिर मुंड़वाने वाला एक मुस्लिम है।