बाप मनरेगा में मजदूर, बेटे ने किया IIT में कमाल

नई दिल्ली(15 जून): कहते हैं जहां चाह है वहां राह है। सफलता इतनी आसानी से नहीं मिलती। इसको पाने के लिए कड़ा परिश्रम करना पड़ता है। खासतौर से जब कोई बेहद ही गरीब परिवार में हो तो उसको कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ता। इन सारी कठिनाईयों से पार पाते हुए राजस्थान के धौलपुर जिले के छोटे से गांव पिपहेरा में रहने वाले नितिन ने आईआईटी में 499वीं रैंक हासिल की है। 

नितिन का परिवार मनरेगा में मजदूरी करता है परिवार के पास खाने तक के पैसे नहीं थे लेकिन नितिन के पिता ने उसकी पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं रखी। नितिन बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल था पढ़ाई के बाद वक्त मिलने पर वो अपने पिता के साथ मजदूरी भी करता था। परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी इसीलिए नितिन की पढ़ाई का खर्चा उठाने के लिए पिता ने मनरेगा में मजदूरी के अलावा आसपास के गांव में भी मजदूरी की।

नितिन ने नवोदय विद्यालय से पढ़ाई की है और बाद में उसने जोधपुर से पढ़ाई की। नितिन ने 12वीं की परीक्षा में 84 फीसद अंक हासिल कर पहले ही गांव का नाम रौशन कर दिया था लेकिन आईआईटी में 499 रैंक लाकर उसने अपने परिवार का सर गर्व से ऊंचा कर दिया है।

नितिन की तमन्ना शुरुआत से ही इंजीनियरिंग की थी। इतनी गरीबी में भी नितिन के हौंसले कभी पस्त नहीं पड़े उसने अपनी मेहनत और जज्बे से आज वो मुकाम हासिल कर लिया है जिसके उसने सपने देखे थे।