राम रहीम के कारनामे का भंडाफोड़ करने वाले पत्रकार के बेटे को न्याय का इंतजार

नई दिल्ली(27 अगस्त):  रेप के आरोप में दोषी करार दिए गए डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम सिंह के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकार राम चंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति आज भी न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

-  सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में 15 साल पहले दो साध्वियों के साथ रेप की खबर छापने वाले पत्रकार छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 

- अंशुल ने बताया कि वकील से पत्रकार बने उनके पिता राम चंद्र ने कई मीडिया संस्थानों में काम किया था।

- हालांकि मीडिया संस्थानों में रहकर उनको खुलकर लिखने की आजादी नहीं मिलती थी। लिहाजा उन्होंने 'पूरा सच' नाम से अपना अखबार निकाला और फिर डेरा सच्चा सौदा में दो साध्वियों के साथ रेप की घटना को खुलकर छापा।

-  इसमें साध्वी की ओर से तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भेजी गई चिट्ठी को भी प्रकाशित किया। इस खबर के छपने के कुछ दिन बाद राम चंद्र को उनके घर के बाहर गोली मार दी गई।

- अंशुल ने बताया कि रेप की खबर प्रकाशित करने के बाद उनके पिता को कई बार निशाना बनाया गया था और धमकाया भी गया था। हाईकोर्ट ने रेप मामले का स्वतः संज्ञान लिया और इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी। इसके बाद 24 अक्टूबर 2002 को दो हमलावरों ने उनके पिता को गोली मार दी। 

- अंशुल ने कहा कि हम पर भी मामले को वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि बाबा संत के भेष में अपराधी हैं। अब अंशुल की कानूनी लड़ाई पंचकूला की उसी सीबीआई अदालत में आखिरी चरण पर पहुंच गई है, जिसने 25 अगस्त को रेप मामले में बाबा राम रहीम को दोषी ठहराया है।