PM मोदी ने जिस 'संजीवनी' का किया था जिक्र, जानिए वो कहां मिलती है और क्या हैं उसके फायदे

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 अगस्त): 8 अगस्त की रात 8 बजे जब समूचा हिंदुस्तान प्रधानमंत्री मोदी को सुनने के लिए टीवी की तरफ टकटकी लगाए बैठा था। तब देश के नाम अपने संबोधन के दौरान मोदी ने लद्दाख की हजारों फीट ऊंची पहाड़ियों पर पाए जाने वाले एक दुर्लभ जड़ी बूटी का नाम लेकर सबको चौंका दिया। हिंदू धर्म में मान्यता है कि अगर किसी को ये बूटी मिल जाए तो मौत के करीब पहुंचे शख्स को भी स्वस्थ किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी हिमालय में पाई जाने वाली एक ऐसी ही चमत्कारी जड़ी बूटी का जिक्र किया। पीएम मोदी के मुंह से जिक्र आते ही सोलो नाम की इस संजीवनी का सच जानने के लिए पूरे देश की उत्सुकता बढ़ गई। लोग जानना चाहते हैं।

- क्या सोलो कई बीमारियों की असरदार जड़ीबूटी है ? 

- क्या सोलो से कैंसर जैसी बीमारी भी ठीक हो सकती है ? 

- क्या इसे खाने से जिंदगी भर जवान रहा जा सकता है ? 

- क्या इस जड़ी बूटी में बुढ़ापे को रोकने की शक्ति है ?

- और क्या इसका रिश्ता रामायण काल की संजीवनी बूटी से है ?

Solo Plantआपके इन सारे सवालों के जवाब तलाशने के लिए और सोलो नाम की इस संजीवनी का सच ढ़ूंढने के लिए न्यूज़ 24 की टीम ने गहरी पड़ताल शुरु की। जर्रे-जर्रे में कुदरत की बेपनाह खूबसूरती से लबरेज लद्दाख की ऊंचाई जैसे-जैसे बढ़ती जाती है वैसे-वैसे यहां आबादी कम और जिंदगी मुश्किल होती जाती है। हजारों फीट की ऊंचाई पर यहां जिंदा रहने के लिए भी कुदरत से हर लम्हा एक जंग लड़नी पड़ती है। यहीं पहाड़ों की कंदराओं के बीच पैदा होती है एक चमत्कारी जड़ी बूटी। सोलो नाम के इस अद्भुत जड़ीबूटी से से भले अभी भी बाहर की दुनिया अनजान हो लेकिन यहां के लोगों के लिए इसके बिना जीना बेहद मुश्किल है। यहां के लोगों की जिंदगी एक हद तक इसी संजीवनी पर टिकी है। चाहे कोई भी मर्ज हो चाहे कोई भी दर्द और चाहे कैसी भी तकलीफ। ये संजीवनी यहां के लोगों की हर मुश्किल का मानो रामबाण इलाज है।

- डिप्रेशन या अवसाद से लड़ने में बेहद असरदार है 

- ये मानसिक तनाव को भी दूर करता है

- ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है

- कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने में भी ये मददगार है

- इस भूख बढ़ाने वाले औषधीय गुण भी हैं। PM MODI

मतलब साफ है कि लद्दाख के लोगों के लिए सोलो किसी संजीवनी से कम नहीं है। लद्दाख के लोगों के लिए अगर ये संजीवनी किसी वरदान से कम नहीं तो वहां मौजूद हिंदुस्तानी सैनिकों के लिए तो ये मानों एक चमत्कार ही है। सोलो इन्हें हिमालय जैसे दुर्गम इलाके में तैनात और टिके रहने में मदद करता है। 

- ऊंचाई वाली जगहों पर जवानों को सांस लेने में अक्सर परेशानी होती है

- जबकि सोलो शरीर में आक्सीजन की मात्रा बढ़ाने में मदद करता है

- ज्यादा ठंड वाली जगहों पर सैनिकों को ढलने में भूख, अनिद्रा जैसी दिक्कत होती है

- जबकि सोलो रोगप्रतिरोधक क्षमता यानि इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है

- एकांत की वजह से सैनिक अक्सर यहां डिप्रेशन का शिकार होते हैं

- जबकि सोलो में डिप्रेशन से लड़ने के औषधीय गुण पाए जाते हैं

- युद्ध जैसे हालात में जवानों को रेडियोएक्टिव तत्व से भी बेहद खतरा होता है

- जबकि सोलो रेडियोएक्टिव प्रभाव को कम करने में मददगार है।

Solo Plantइसमें तो कोई शक ही नहीं कि सोलो एक ऐसी जड़ीबूटी है जिसका इस्तेमाल कई बीमारियों में अचूक और असरदार इलाज के लिए किया जा सकता है। कैंसर जैसी घातक बीमारी से लेकर दूसरी असाध्य बीमारियों पर भी इसके जबरदस्त चमत्कारी असर और प्रभाव को बड़े-बड़े डॉक्टर और वैज्ञानिक भी प्रमाणित कर रहे हैं, लेकिन कई जानकारों का एक दावा ऐसा भी है कि जवानी को जिंदा रखने में भी ये जड़ीबूटी काफी मददगार है।यानि अगर बुढ़ापा आपको डराता है तो लद्दाख की ये अनमोल जड़ीबूटी उसे आपके शरीर से दूर रखने में भी सहायता कर सकती है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने जैसे ही इस करामाती जड़ीबूटी से सारी दुनिया को रु-ब-रु कराया इसके बारे में कई तरह के दावे शुरु हो गए। जवानी को जिंदा और बुढ़ापे को दूर करने वाली इस जड़ीबूटी के बारे में दावा कि ये काल के कालक्रम को भी टाल सकती है। यानि इसके इस्तेमाल से लोगों की उम्र को भी एक हद तक बढ़ाया जा सकता है। धार्मिक गुरुओं के ऐसे दावों को तो किसी रिसर्च या शोध के बाद ही सही या गलत ठहराया जा सकता है लेकिन इतना तो तय है कि हिमालय की इस संजीवनी में इंसानी शरीर की बीमारियों से लड़ने की कमाल की ताकत है।

ज्यादा जानकारी के लिए देखिए न्यूज 24 की ये खास रिपोर्ट...