जवानों को मिलेंगे खतरनाक हथियार, चीन-पाकिस्तान के उड़े होश

नई दिल्ली(24 मार्च):  भारत-चीन और भारत-पाक बॉर्डर पर तैनात जवानों को नए हथियार मिलेंगे। जवानों के लिए राइफल्स, लाइट मशीन गन और क्लोजक्वार्टर बैटल कार्बाइन्स उपलब्ध कराने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।

- टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सरकार यह काम फास्ट ट्रैक प्रोसीजर (FTP) के तहत करेगी। 

- रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को ही चयनित विदेश कंपनियों को 72,400 असॉल्ट राइफल्स, 16,479 LMG और 93,895 CQB कार्बाइन्स के लिए शुरुआती टेंडर दे दिया गया है। इसकी लागत करीब 5,366 करोड़ रुपये आएगी।

- उम्मीद की जा रही है कि एक साल के भीतर ही ये हथियार देश को सौंप दिए जाएंगे। 2005 में ही सेना ने CQB कार्बाइन्स की मांग 382 बटालियन के लिए की थी। इनमें प्रत्येक में 850 सैनिक हैं। 2009 में ही लाइट मशीन गन का मामला शुरू हुआ था। लेकिन कुछ अजीब तकनीकी पैरामीटर्स की वजह से यह प्रॉजेक्ट कामयाब नहीं हो सका। 

- FTP का रास्ते ही सेना के लिए आवश्यक हथियारों को मुहैया कराया जा सकता है। वर्तमान 5.56 mm INSAS की जगह लेने के लिए 8.16 लाख नए 7.62x51mm कैलिबर असॉल्ट राइफल्स की जरूरत है। इसी तरह सेना को 4.58 क्वार्टर बैटल कार्बाइन्स और 43,544 लाइट मशीन गन्स की जरूरत है। इनमें से ज्यादातर हथियारों की जरूरत थलसेना को है जबकि कुछ नौसेना और एयरफोर्स को भी दिए जाने हैं।