मिट्टी खरीद घोटाले में तेज प्रताप को क्लीन चिट

पटना (22 अप्रैल): इस वक्त की बड़ी खबर मिट्टी खरीद घोटाला मामले में लालू यादवे के परिवार को बिहार सरकार ने क्लीन चिट दे दी है। चीफ सेक्रेटरी अंजनी कुमार ने अपनी जांच के बाद कहा है कि इस मामले में कोई अनियमितता सामने नहीं आई है।


आपको बता दें कि बीजेपी ने तेजप्रताप पर मिट्टी घोटाले का आरोप लगाया तो नीतीश सरकार ने अब जांच के आदेश दे दिए थे। बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने इस मामले में जांच के आदेश जारी किए। हालांकि, इस कथित घोटाले को सामने लाने वाले बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी नीतीश के कदम से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने सरकारी जांच को लालू के परिवार को क्लीन चिट देने की साजिश बताते हुए ट्वीट किया, 'नीतीश कुमार में हिम्मत है तो सर्वदलीय समिति से जांच कराएं। किस अधिकारी की हिम्मत है कि लालू के परिवार के खिलाफ जांच करे। सरकार गिर जाएगी।'


बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से 90 लाख रुपये के कथित 'मिट्टी खरीद घोटाले' को लेकर वन और पर्यावरण मंत्री तेजप्रताप यादव को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने इस कथित घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। सुशील ने आरोप लगाया कि संजय गांधी जैविक उद्यान में सौन्दर्यीकरण के नाम पर अनावश्यक 90 लाख रुपये की मिट्टी खरीद कर पगडंडी बनाने का काम बिना निविदा केवल कोटेशन के आधार पर पटना जिला के रुपसपुर के एमएस एंटरप्राइजेज के विरेन्द्र यादव को सौंप दिया गया।


उन्होंने तेजस्वी पर अपनी एक कंपनी के द्वारा पटना में निर्माणाधीन एक शॉपिंग मॉल के दो अंडरग्राउंड फ्लोर की मिट्टी को अपने ही विभाग से बेच कर 90 लाख रुपये की कमाई करने का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या कोई मंत्री अपनी जमीन की मिट्टी को अपने ही विभाग में खरीद सकता है। उनका दावा है कि इस कंपनी में तेजस्वी निदेशक हैं। मोदी ने आरोप लगाया कि पिछले दो माह से रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक मिट्टी की ढुलाई की जा रही है जबकि रात में वन्य प्राणियों के उद्यान में कोई निर्माण कार्य या गतिविधि नहीं की जा सकती है।