एनकाउंटर में मारे गए सोहराबुद्दीन के भाई पर जानलेवा हमला

नई दिल्ली ( 31 अक्टूबर ) : गुजरात में हुए एनकाउंटर में मारे गए सोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन पर उज्जैन के पास नागदा में जानलेवा हमला हुआ है। रुबाबुद्दीन का गन मैन भी इस हमले में घायल है। दोनों को उज्जैन के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

आखिर कौन था सोहराबुद्दीन शेख?

सोहराबुद्दीन मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के झिरन्या गाँव का रहने वाला एक हिस्‍ट्रीशीटर था। गुजरात पुलिस ने 26 नवंबर 2005 को उसे एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था। उसके साथ उसकी पत्‍नी कौसर बी को भी गुजरात पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया था। 

सोहराबुद्दीन शेख के मप्र के झिरन्‍या गांव स्थित घर से वर्ष 1995 में 40 एके-47 राइफल बरामद हुआ था। उस पर गुजरात व राजस्‍थान के मार्बल व्‍यापारियों से हफ्ता वसूली और हत्‍या का मुकदमा भी दर्ज था। सोहराबुद्दीन अंडवर्ल्‍ड डॉन दाउद इब्राहिम के गुर्गे छोटा दाउद उर्फ शरीफखान पठान, अब्‍दुल लतीफ, रसूल पर्ती और ब्रजेश सिंह से जुड़ा था। लश्‍कर-ए-तोइबा व पाकिस्‍तान के आईएसआई से भी उसके संबंध थे।

वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद ढहने के बाद आतंक फैलाने के लिए अब्‍दुल लतीफ ने करांची में रह रहे छोटा दाउद उर्फ शरीफ खान से 40 एके 47 मंगवाया था, जिसे सोहराबुद्दीन ने रउफ नामक एक अन्‍य व्‍यक्ति के साथ मिल कर अमहमदाबाद स्थित दरियापुर से अपने गांव झिरन्‍या पहुंचा और वहां उसने हथियारों को कुएं में छिपा दिया।

करांची में बैठे इसी शरीफ खान के लिए सोहराबुद्दीन गुजरात व राजस्‍थान के मार्बल व्यापारियों से हफ्ता वसूली करता था। इस मामले में सोहराबुद्दीन सहित 100 लोगों को तत्‍कालीन महाराष्‍ट्र पुलिस ने आरोपी बनाया था। जिस वक्‍त संजय दत्‍त को हथियार रखने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था, यह उसी दौरान की बात है। उस वक्‍त यह मामला अखबारो की सुर्खियां भी बना था।