सोहराबुद्दीन केस: अमित शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

नई दिल्ली (1 अगस्त): सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीजेपी प्रेजिडेंट अमित शाह की भूमिका को लेकर दोबारा जांच नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख की एक्स्ट्रा जुडिशल किलिंग मामले में अमित शाह की भूमिका की दोबारा जांच से इनकार कर दिया।

2014 में इस मामले में अमित शाह को बेगुनाह करार दिया गया था। 2005 में सोहराबुद्दीन शेख की पुलिस मुठभेड़ में जान चली गई थी। तब अमित शाह गुजरात के गृह मंत्री थे। मुंबई के एक कोर्ट ने कहा कि था सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले में अमित शाह की भूमिका के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि इस जांच में शाह के नाम को राजनीतिक वजहों के शामिल किया गया। 2012 में सीबीआई ने शाह के खिलाफ जांच शुरू की थी। इस जांच में कई पुलिस ऑफिसर भी शामिल थे। अमित शाह पर हत्या और सबूतों को नष्ट करने के आरोप लगाए गए थे।

पूर्व ब्यूरोक्रेट हर्ष मंदर ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में अमित शाह की भूमिका की फिर से जांच कराने की गुजारिश की थी। जजों ने कहा कि इस केस से हर्ष मंदर का दूर-दूर तक जुड़ाव नहीं है। जजों ने कहा कि जब शाह एक बार बरी हो गए तो क्या लगातार उन पर अभियोग चलाया जाए? 2012 में सीबीआई ने शाह के खिलाफ जांच शुरू की थी। जांच एजेंसियों का कहना था कि शेख को एक बस से उठाया गया था और उसकी पत्नी कौसर बी के साथ मार दिया गया था। इस मामले में गवाह तुलसी प्रजापति को भी पुलिस ने मार दिया था।