INSIDE STORY: अब #China की अकल ठिकाने लगाएगी #INDIA की जनता, जानिए कैसे...

डॉ. संदीप कोहली, 

नई दिल्ली (3 अक्टूबर): उरी हमले के बाद से ही देशभर में पाकिस्‍तान के खिलाफ लोगों में जबरदस्त गुस्‍सा है। भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए कई कदम उठाए हैं। भारतीय सेना ने पीओके में सर्जिकल स्‍ट्राइक कर आतंकी कैंपों को बर्बाद किया। वहीं भारत सरकार पाकिस्तान के साथ सिंधु नदी जल समझौता और सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन)का दर्जा वापस लेने की तैयारी कर रही है। लेकिन पाकिस्तान कि नापाक हरकतें जारी हैं। पाकिस्तान लगातार भारत में आतंकी घुसपैठ कराने के लिए सीजफायर का उल्लघंन कर रहा है। यहां तक की उसकी इन हरकतों में चीन भी उसका साथ दे रहा है। चीन ने पाकिस्तान की शह पर तिब्बत में ब्रह्मपुत्र का पानी रोका। यूएन में अपने वीटो पावर का उपयोग करके जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने का विरोध किया है। भारत के एनएसजी सदस्यता के प्रयास में वह रोड़ा बना। यह भारत के खिलाफ पाक की 'चीनी साजिश' है। जिसका भारत की जनता ने मुंहतोड़ जवाब देने का मन बना लिया है। देशभर में चीन के बने समान का बहिष्‍कार करने की अपील की जा रही है। यही नहीं चीन के खिलाफ भारतीयों का गुस्सा सोशल मीडिया पर भी दिख रहा है। ट्वीटर, फेसबुक पर लोग #BoycottChineseProducts लिखकर चीनी प्रोडक्ट्स पर बैन लगाने और इनके इस्तेमाल नहीं करने की अपील कर रहे हैं। स्वामी रामदेव और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय खुद इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने चीन के सामान, चीन के साथ व्यापार का बहिष्कार करने का आह्वान किया है। आइए जानते हैं भारत-चीन का कितना व्यापार है और देश में कैसे 'मेड इन चाइना' की बाढ़ आ गई... 

कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर की लोगों से अपील भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने जनता से चीनी सामान के बहिष्कार की अपील की है। सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लिखा है, अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ आज से प्रण लें कि न तो चीन का सामान खरीदेंगे न किसी चीनी सामान को बढ़ावा देंगे।

#BoycottChineseProducts ट्विटर और फेसबुक पर यूजर्स लगातार पोस्‍ट कर चीनी सामान इस्तेमाल का विरोध करते हुए स्‍वदेशी सामान अपनाने की आह्वान कर रहे हैं। 

@DrShobha- चाइना के सामान का  मत  खरीदे। राष्ट्र हित में प्रत्येक चायनीज सामान का बहिष्कार करें ! #BoycottChineseProducts

‏@rd_bhatnagar- Appeal to Indians #BoycottChineseProducts how dare they go against India every time. They have betrayed our faith every time

Amit Agrahari- Pls don't buy Chinese products. Trending.. #ChinaSupportsPakTerror #ChinaToPakRescue #BoycottChineseProducts

SHIVAM UPADHYAY- #BoycottChineseProducts it's imperative now that we all Indians #BoycottChineseProducts 

@avibhanawat- Please stop buying Chinese products. #BoycottChineseProducts

WhatsApp Messages से अपील व्‍हाट्सऐप यूजर्स भी लगातार मैसेज कर उरी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि स्‍वरूप चीनी चीजें ना खरीदने की अपील कर रहे हैँ।

भारत-चीन व्यापार - भारत-चीन के बीच व्यापार संबंध मुख्य रिश्ते का आधार है। - दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं दुनिया की बड़ी अर्थव्यस्थाओं में गिनी जाती है। - दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते की शुरुआत साल 1978 में हुई थी। - ASSOCHAM के मुताबिक 2001 और 2014 के बीच चीन से आयात लगभग दोगुना हुआ। - इस बीच भारत में चीनी सामानों का आयात रिकॉर्ड 34 गुना तक बढ़ चुका है। - चीन से वस्तुओं का आयात भारत के कुल आयात के 13 फीसदी से ज्यादा है। - भारत और चीन के बीच अगर व्यापार की बात करें, तो ये 2003-2004 में 7 अरब डॉलर था। - जो 2014-15 में बढ़कर लगभग 70 अरब डॉलर यानी 4.70 लाख करोड़ का हो गया है। - जिसमें से भारत चीन को सिर्फ 79 हजार करोड़ रुपए का निर्यात करता है। - जबकि 3.87 लाख करोड़ का भारत चीन से आयात करता है, यानी व्यापार घाटा 3 लाख करोड़ है।

नकली सामान के निर्यात में सबसे आगे चीन - चीन हर साल 500 अरब डालर यानी 33 लाख करोड़ रुपए का नकली और पायरेटेड सामान दुनियाभर में सप्लाई करता है। - वैश्विक स्तर पर जब्त आयातित नकली उत्पादों में 63.2 प्रतिशत के साथ चीन पहले स्थान पर है।  - इसका सर्वाधिक नुकसान यूरोपीय संघ व अमेरिका की कंपनियों को उठाना पड़ रहा है। - नकली वस्तुओं के व्यापार से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले देशों में अमेरिका पहले नंबर पर है।  - चीन हर साल अमेरिका में 32 लाख करोड़ का निर्यात करता है जिसमें ज्यादातर चीजें नकली होती है। - आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओइसीडी) की रिपोर्ट से भी यह प्रमाणित हो चुका है। - सौ से ज्यादा भारतीय कंपनियों को चीनी कंपनियों ने धोखा दिया है।  - खुद भारतीय दूतावास कह चुका है कि चीनी कंपनियों के साथ समझौते करने से पहले जांच-परख लें।  - रसायन, स्टील, सौर ऊर्जा, ऑटो वील, आर्ट एंड क्राफ्ट्स, हार्डवेयर से जुड़ी चीनी कंपनियां धोखाधड़ी में लिप्त रही हैं।

चीनी सामान पर बैन - भारत सरकार ने चीन से आने वाले घटिया प्रकार के दूध व दुग्ध उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया। - साथ ही कुछ विशेष प्रकार के मोबाइल फोनों को 24 अप्रैल 2016 में बैन किया।  - इससे पहले 23 जनवरी 2016 को भी चीनी खिलौनों के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया था। - 27 अप्रैल 2016 को लोकसभा में भाजपा की ओर से ही चीनी मांझे का मुद्दा उठाया गया।  - मोदी सरकार ने हाल ही में चीन से आयातित पटाखों पर बैन लगाया है।