गलती स्नैपचैट की, 'सजा' भुगत रहा स्नैपडील



नई दिल्ली(17 अप्रैल): स्नैपचैट को अपने सीईओ का भारत को लेकर दिया विवादित बयान महंगा पड़ रहा है। इस पॉपुलर ऐप की रेटिंग फाइव स्टार से वन स्टार तक आ गिरी है। बता दें सीईओ ने अपने ऐप को अमीर लोगों के लिए बताया और भारत को गरीब देश करार दिया। उनके बयान का खमियाजा स्नैपडील को भी भुगतना पड़ा रहा है। दरअसल कुछ लोग स्नैपचैट को ही स्नैपडील ऐप समझ बैठे।


- ऐप स्टोर में मौजूद ऐप इंफॉर्मेशन के मुताबिक, ऐप के करेंट वर्जन की कस्टमर रेटिंग 'वन स्टार' है (6,099 रेटिंग पर आधारित) और ऑल वर्जन की रेटिंग 'वन एंड हाफ स्टार' है (9,527 रेटिंग पर आधारित)। वहीं एंड्रायड प्ले स्टोर में ऐप की रेटिंग 'फोर स्टार' है (11,932,996 रेटिंग पर आधारित)।


- ये सब शुरू तब हुआ जब यूएस बेस्ड न्यूज वेबसाइट वैराइटी ने शनिवार को स्नैपचैट के पुराने कर्मचारी के हवाले से बताया था कि स्नैपचैट के सीईओ इवान स्पीगल ने 2015 में ये बयान दिया था कि उनका ऐप केवल अमीर लोगों के लिए है और वो इसका विस्तार भारत और स्पेन जैसे गरीब देशों में नहीं करना चाहते।


- इस बयान के मीडिया में आने के बाद से लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया पर दिखने लगा और लोगों ने काफी आलोचनाएं करते हुए कई पोस्ट करने चालु कर दिए। इसी दौरान कुछ लोग उलझन में स्नैपचैट और स्नैपडील को एक ही समझ बैठे और उस पर कई आलोचनात्मक प्रतिक्रिया दे डालीं। इससे स्नैपडील की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। जबकि स्नैपडील एक भारतीय कंपनी है।