स्मृति ईरानी डिग्री विवाद: कोर्ट ने चुनाव आयोग और DU से मांगे सभी दस्तावेज़

नई दिल्ली (17 मार्च): दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी की शिक्षा से जुड़े सारे दस्तावेजों को अगली सुनवाई पर पेश करने के लिए कहा। अगली सुनवाई 3 मई को होगी। स्मृति ईरानी के ख़िलाफ दर्ज़ कराई गई शिकायत में कहा गया कि चुनाव आयोग में पेश किए गए हलफनामों में गलत सूचनाएं दी गईं।

अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह ने चुनाव आयोग और दिल्ली यूनिवर्सिटी को मंत्री से जुड़े सारे दस्तावेजों को पेश करने के लिए निर्देश दिए हैं। यह निर्देश दोनों बॉ़डीज़ के प्रतिनिधियों की तरफ से सभी दस्तावेजों के पेश ना किए जाने और अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत पर गौर करने के बाद दिया गया।

कोर्ट ने अहमर खान की शिकायत के मामले को आगे कार्यवाही के लिए 3 मई की तारीख तय की है। अहमर ने आरोप लगाया था कि ईरानी ने चुनावी पैनल के सामने अपनी शिक्षा के बारे में दस्तावेजों में 'असंगत सूचनाएं' दी हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री ने इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया।

कोर्ट ने पिछले साल 20 नवंबर को इस अपील को मंजूरी दे दी थी। जिसमें चुनाव आयोग और डीयू को ईरानी की शिक्षा से संबंधित दस्तावेजों की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने कहा था कि उम्मीदवार को चुनाव आयोग को जानबूझकर गलत सूचनाएं देने के लिए भारतीय दंड संहिता और रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट की धारा 125-ए के तहत सज़ा दी जा सकती है।