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WI-FI से भी आपके स्मार्टफोन हो सकते हैं हैक, ऐसे बचें

जहां एक तरफ देश में सोशल मीडिया एक नया बदलाव लेकर आया है। तो वहीं दूसरी तरफ देश में लगातार साइबर क्राइम में लगातार इजाफा होता जा रहा है। जी हैं, WIFI हैकिंग कई तरह की होती है जिसमें मोटे तौर पर इसे दो तरीके में बांट सकते हैं। एक तो सीधे तौर पर आपका वाईफाई ही किसी ने हैक कर लिया है और उससे कनेक्ट हो गया है। दूसरा ये है कि उसने आपका वाईफाई हैक किया और इसके जरिए उससे कनेक्टेड डिवाइस तक भी पहुंच गया। यानी आपक क्या कर रहे हैं इसकी जानकारी हैकर को है।

                                                                                                        Image Source: Google

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 नवंबर): जहां एक तरफ देश में सोशल मीडिया एक नया बदलाव लेकर आया है। तो वहीं दूसरी तरफ देश में लगातार साइबर क्राइम में लगातार इजाफा होता जा रहा है। जी हैं,  WIFI हैकिंग कई तरह की होती है जिसमें मोटे तौर पर इसे दो तरीके में बांट सकते हैं। एक तो सीधे तौर पर आपका वाईफाई ही किसी ने हैक कर लिया है और उससे कनेक्ट हो गया है। दूसरा ये है कि उसने आपका वाईफाई हैक किया और इसके जरिए उससे कनेक्टेड डिवाइस तक भी पहुंच गया। यानी आपक क्या कर रहे हैं इसकी जानकारी हैकर को है।टेक जगत के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक हैकर्स कई बार वाईफाई को ओपन छोड़ कर इसे बेट की तरह इस्तेमाल करते हैं। बिना पासवर्ड वाले वाईफाई को आपने कनेक्ट कर लिया और इंटरनेट यूज कर रहे हैं। आपने जैसे ही वाईफाई से कनेक्ट किया आपके डिवाइस का मैक अड्रेस और आईपी अड्रेस राउटर में दर्ज हो जाती है। हैकर्स सबसे पहले स्निफिंग टूल का यूज करके ट्रैफिक को इंटरसेप्ट करते हैं। डेटा पैकेट्स के रूप में ट्रांसफर होता है और हैकर्स के पास कई तरह टूल होते हैं जो इन पैकेट्स को इंटरसेप्ट करके आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री तो आसानी से जान सकते हैं।ईफाई हैक करना वाईफाई से जुड़े डिवाइस को हैक करने के मुकाबले आसान है। इसके कई तरीके हैं. कई फ्री टूल हैं जो कम सिक्योरिटी वाले वाईफाई राउटर को हैक करते हैं। इसके अलावा एडवांस्ड टूल्स हैं जो बैकट्रैक पर काम करते हैं जिनका यूज करके सिक्योरिटी वाले वाईफाई राउटर भी हैक किए जा सकते हैं।सबसे आसान उन राउटर को हैक करना होता है जिनमें WEP सिक्योरिटी होते हैं. पहले के राउटर्स में लोग WEP रखते थे, लेकिन अब डिफॉल्ट बदल दिया गया है। WPA-PSK keys से सिक्योर किए गए राउटर्स को हैक करना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन इसे भी हैक किया जा सकता है।

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