ड्राइव करते वक्त नींद आई तो जगा देगी कार

नई दिल्ली(18 मार्च): अब यदि आप कार ड्राइव करते हुए 'झपकी' लेते हैं, तो आपकी गाड़ी में लगे सेंसर्स आपको 'जगा' देंगे।


- जी हां, जर्मन कंपनी बॉश कैमरा आधारित ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जो ड्राइविंग करते वक्त नींदभरी आंखें, शारीरिक गतिविधियां, हार्ट रेट और शरीर का तापमान मॉनिटर करेगी।


- कई बार हम यह स्वीकार नहीं करते कि गाड़ी चलाते वक्त हम नींद की गिरफ्त में आ जाते हैं, क्योंकि हमारी आंखें बंद नहीं हुई होती हैं। ऐसी अवस्था को माइक्रोस्लीप कहा जाता है, जब आपको खुली आंखों में भी नींद आकर घेर लेती है।


- नैशनल हाइवे ट्रैफिक सेफ्टी ऐडमिनिस्ट्रेशन के आंकड़ों के मुताबिक इस तरह की नींद के चलते साल 2015 में यूएस में 824 मौतें हुईं। तमाम ऑटो कंपनियां जैसे ऑडी, मर्सिडीज, वॉल्वो वर्तमान में इस तरह के मॉनिटरिंग सिस्टम कारों में दे रही हैं, जो स्टीरिंग, वील ऐंगल, लेन आदि को लेकर ड्राइवर को सचेत करते हैं। अभी नींद में जा रहे ड्राइवर को 'कॉफी कप' की लाइट ब्लिंक कर साउंड के जरिए अलर्ट किया जाता है, लेकिन अब इस सिस्टम को और ज्यादा अडवांस्ड किया जाएगा।


- बॉश के चीफ टेक्नॉलजी ऑफिसर कीथ स्ट्रिकलैंड कहते हैं, कारों में हम यह तकनीक आने वाले 5 सालों में देख सकते हैं। इस तकनीक को और दो कदम आगे बढ़ाकर ऐसा बनाने की कोशिश की जा रही है कि दो कारें आपस में सेंसर्स के जरिए कम्युनिकेट करें व हादसा खुद ब खुद टल जाए।


- फ्रांस में ऑटोमोटिव तकनीक की सप्लाई करने वाली कंपनी वेलो भी ऐसा मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार कर रही है, जो सामने की सीट पर बैठे बच्चों और ड्राइवर के कंधे, सिर के मूवमेंट्स कैप्चर करेगा। इसी के साथ ही वॉल्वो भी उन अत्याधुनिक तकनीकों पर काम कर रहा है जिसमें ड्राइविंग के दौरान तरह-तरह के सिग्नल्स व अलार्म के जरिए सेफ ड्राइविंग सुनिश्चित की जा सके।