कमरे के इस कोने में बेड होने से शीघ्र होती है मृत्यु!

नई दिल्ली (4 फरवरी): भारत में जिस तरह से वास्तु को तव्वजों दी जाती है, उसी तरह से चीन के लोग फेंग शुई पर विश्वास करते हैं। दोनों ही विद्याएं प्रकृति की सकारात्मक ऊर्जा के कुशल उपयोग पर आधारित हैं। फेंग शुई के विभिन्न उपायों में बताया गया है कि ऊर्जा का सही इस्तेमाल हो तो हम अनेक कष्टों को स्वयं दूर कर सकते हैं।

जानिए फेंग शुई के कुछ उपयोग टिप्स: 1- कुछ लोग सौभाग्य में वृद्धि और भाग्योदय के लिए घर के बाहर घोड़े की नाल लगाते हैं। माना जाता है कि इससे काम बिगडऩे का सिलसिला रुकता है और समृद्धि में वृद्धि होती है, परंतु इसे लगाने में भी खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। घोड़े की नाल को पूर्वी अथवा दक्षिण पूर्वी दिशा में नहीं लगाना चाहिए।

2- अध्ययन करने के लिए खिड़की के पास नहीं बैठना चाहिए। इससे न केवल ध्यान भटकता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा की भी कमी होती है। अध्ययन आदि कार्यों में खिड़की की ओर मुंह करने के बजाय उधर पीठ करनी चाहिए। खिड़की की ओर पीठ होने से भवन की सकारात्मक ऊर्जा मन को प्रभावित करती है।

3- नमक न केवल भोजन का आवश्यक अंग है, इससे घर के दोष भी समाप्त होते हैं। इसलिए कभी-कभी घर की सफाई करते समय नमक युक्त पानी का भी उपयोग करना चाहिए। उदाहरण के लिए अगर सफाई में चार लीटर पानी की जरूरत हो तो उसमें चार चम्मच नमक मिला दें।

4- रात्रि को शयन या दिन में विश्राम आदि के लिए स्थान चुनते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि फेंग शुई का मानना है कि गलत स्थान पर शयन न केवल आपको रोग प्रदान करता है, इससे आयु का भी नाश होता है। कभी भी दरवाजे के सामने नहीं सोना चाहिए। माना जाता है कि दरवाजा घर का निकास द्वार है। इसलिए जो भी यहां शयन करता है, उसका जीवन शीघ्रता से नष्ट होता है।

5- अगर घर में जल का दुरुपयोग हो रहा है या वह व्यर्थ बह रहा है तो आपको खास सावधानी की जरूरत है। इससे न केवल जल जैसे दुर्लभ प्राकृतिक संसाधन का ह्रास होता है, यह घर की आर्थिक स्थिति के लिए भी अशुभ माना जाता है। अगर आपके घर में नल टपक रही है तो इसे ठीक करवा लें, क्योंकि पानी का इस तरह बहना धन के अपव्यय को बढ़ावा देता है।