इस साल कमजोर मानसून की आशंका, प्राइवेट वेदर एजेंसी का अनुमान

नई दिल्ली ( 27 मार्च ): इस साल के मानसून का पहला अनुमान सामने आ गया है। मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट स्काईमेट ने इस बार कमजोर मॉनसून का अनुमान लगाया है। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर रहने वाला है। प्राइवेट वेदर एजेंसी स्काईमेट के अनुसार 2017 में जून से सितंबर के बीच मानसूनी बारिश 95 प्रतिशत रह सकती है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने अभी तक कोई संकेत नहीं दिया है।

मौसम विभाग के अनुसार कमजोर मानसून एक बार फिर देश में खरीफ बुआई के लिए बुरी खबर बनकर आ सकता है। गौरतलब है कि देश में जून से सितंबर तक होने वाली बारिश प्रमुख खरीफ फसल के लिए अहम है। भारत में 60 फीसदी से अधिक लोग कृषि पर निर्भर हैं और देश के अधिकांश भाग में खरीफ फसल पूरी तरह से दक्षिण-पश्चिम मानसून पर निर्भर है।

स्काईमेट के मुताबिक मध्य भारत में मानसून जून के दूसरे हफ्ते तक पहुंचता है। वहीं 22-24 जून तक उत्तर भारत में मानसून पहुंचने की संभावना रहती है। मानसून एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस बार मानसून 5 फीसदी तक कम रह सकता है।