मुश्किल हालात में भी भारतीय महिलाएं आसमान में लहरा रही हैं परचम

नई दिल्ली ( 4 मार्च ): भारत ने दुनिया को पहली महिला कॉमर्शियल पायलट दी थी। उस वक्त 1956 में इंडियन एयरलाइंस ने महिला पायलट के लिए दरवाजे खोले थे और दुर्बा बनर्जी पहली कैप्टन चुनी गई थीं। इसके बाद महिला कॉमर्शियल पायलटों की संख्या लगातार बढ़ती गई। भारत में इस समय कुल कॉमर्शियल पायलट की संख्या 10 हजार है जिसमें एक हजार दो सौ महिला पायलट हैं। 

अभी एयर इंडिया और इंडिगो में करीब 13% और एयर जेट एयरवेज एवं एयर इंडिया एक्सप्रेस में करीब 12% महिला कॉमर्शियल पायलट हैं। दुर्बा 1988 में रिटायर हो चुकी हैं।

50 वर्षीय क्षमता वाजपेयी दो दशक से एयर इंडिया की कॉमर्शियल विमान की पायलट हैं। नई दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को तक विमान को कमांड करने वाली कमांडर क्षमता वाजपेयी पहली महिला कैप्टन हैं जिस विमान में चालक दल की सभी सदस्य महिलाएं ही थीं। 

1968 में दिल्ली में जन्मी क्षमता की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा लेडी इरविन स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने रायबरेली की इंदिरा गांधी उड़ान एकेड़मी से फ्लाइंग का कोर्स किया। 1996 में वह बतौर पायलट एयर इंडिया में शामिल हुई।