सिंहस्थ कुम्भ में पंडाल गिरने से 7 की मौत, 90 से ज्यादा घायल

उज्जैन (6 मई): उज्जैन सिंहस्थ कुंभ के दौरान भारी बारिश और तूफान की वजह से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 90 से ज्यादा घायल हुए हैं। भारी बारिश और तेज हवाओं की वजह से यहां पंडाल गिर गए, जिनके नीचे दबने से लोगों की मौत हो गई। साथ ही लाखों के नुकसान की भी खबर है। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की भी आशंका है।

सिंहस्थ कुंभ में बारिश और तूफान में घायल हुए लोगों का हाल जानने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सुबह करीब पौने पांच बजे अस्पताल पहुंचे। यहां शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ितों का हाल जानना और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं बारिश और तेज हवाओं की वजह से पंडाल तबाह होने के बाद लोग कुंभ में खुले आसमान के नीचे सड़क पर सोने को मजबूर हैं।

दरअसल दोपहर तक मौसम का मिजाज बिल्कुल ठीक था, लेकिन शाम होते-होते बादल छाने लगे और तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते हवाओं ने तूफान का रुख अख्तियार कर लिया और भारी बारिश ने हर तरफ कहर बरपा दिया। एक घंटे में तेज हवाओं के बीच एक इंच बारिश और ओले गिरने से दत्त अखाड़ा, महाकाल, उजड़खेड़ा और मंगलनाथ एरिया में कई शिविर गिर गए। 

सबसे ज्यादा नुकसान मंगलनाथ एरिया में हुआ है। शिविरों में एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया। मेला एरिया का बड़ा हिस्सा गांव की कच्ची जमीन पर बसाया गया है। इस वजह से तेज बारिश के चलते मेला एरिया में ज्यादा नुकसान पहुंचा। वहीं प्रशासन ने मरने वालों के परिवारों के लिए 2 लाख और गंभीर रुप से घायलों के लिए 50 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है। 

उन्होंने ट्वीट किया कि, 'उज्जैन के सिंहस्थ महाकुंभ में खराब मौसम की वजह से हुए हादसे गई कीमती जानों से काफी दुख पहुंचा है।' हादसे के बाद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मेला इलाके का दौरा किया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।

शुक्रवार को सिंहस्थ कुंभ में अमावस्या पर पर्व स्नान होना है। इसके चलते 15 लाख पंचक्रोशी यात्रियों समेत करीब 25 लाख लोगों के यहां आने की उम्मीद है। ऐसे में इस आपदा के बाद हुए नुकसान की वजह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।