येचुरी को मिली धमकी, JNU में हड़ताल जारी

नई दिल्ली (14 फरवरी): जेएनयू में लगाए गए देशद्रोही नारों के मामले को लेकर हड़ताल शुरू हो गई है। यहां टीचर ओसोसिएशन और कई स्टूडेंट पुलिस के कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। वहीं यूनिवर्सिटी के वीसी ने छात्रों को हड़ताल पर न जाने की अपील की है।

येचुरी को मिली धमकी नारेबाजी के आरोप में देशद्रोह के मुकदमे में जेएनयू प्रेसीडेंट कन्हैया कुमार की सोमवार को कोर्ट में पेशी होगी। इस बीच लेफ्ट नेता सिताराम येचुरी को धमकी मिली है। पुलिस इस मामले की जांच में लगी हुई है।

राजनाथ सिंह ने दिया बड़ा बयान पूरे मामले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने कहा है जेएनयू में जो कुछ हुआ है उसे हाफिज सईद का भी समर्थन प्राप्त है। वहीं उनके इस बयान के बाद विरोधी खेमा इसका सबूत मांग रहा है।

मामले पर क्या बोले राजनाथ राजनाथ ने इस मसले पर राजनीति न करने अपील करते हुए कहा कि जेएनयू मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, लेकिन किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी। उन्‍होंने कहा कि मैं देश के सभी संगठनों से राजनीतिक पार्टिय़ों से कहता हूं कि ऐसे किसी मामले पर जहां देश विरोधी नारे लग रहे हों, वहां सभी को एक साथ खड़ा होना चाहिए। इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। मैंने कहा कि जो निर्दोष होगा उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन जो दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। राष्ट्रभक्ति का सवाल होता है तो सभी को एक साथ खड़ा होना चाहिए।

विपक्षी दलों ने राजनाथ सिंह के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें इस आरोप के संबंध में सबूत देश के साथ साझा करने चाहिए। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि हमें नहीं पता कि गृहमंत्री ने किन सबूतों के आधार पर ये कहा। राजनाथ को सबूत सबसे सामने रखना चाहिए। हमें महात्मा गांधी के हत्यारों से देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए।