इसलिए महाकाल की नगरी में की गई शमशान काली की पूजा

उज्जैन (11 फरवरी): महाकाल की नगरी उज्जैन में इन दिनों सिंहस्थ की तैयारियां ज़ोरों पर चल रही हैं। देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने शिप्रा के तट पर पहुंचने वाले हैं, लेकिन आस्था के इस कुंभ से पहले कई ज्योतिषाचार्य की भविष्यवाणी ने चिंता बढ़ा दी है।

भविष्यवाणी के मुताबिक ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति की वजह से ऐसा योग बन रहा है जो भारी पड़ सकता है, जिसके प्रभाव को बेअसर करने के लिए महाकाल की नगरी में शमशान काली की पूजा की गई है। ख़ास बात ये है कि इस पूजा करने के लिए कापालिक बाबा की ये शिष्या खासतौर पर कनाडा से आई है। ये तो आपने जान लिया कि उज्जैन के शमशान घाट में देर रात विशेष तांत्रिक पूजा की गई।

आपके ज़हन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये पूजा क्यों की गई, तो आपको बता दें कि इस तांत्रिक पूजा और शिप्रा के तट पर लगने वाले सिंहस्थ का सीधा कनेक्शन क्या है। दरअसल कुछ ज्योतिषाचार्यों ने सिंहस्थ पर एक ऐसे योग के साये की भविष्यवाणी की है जिसे लेकर साधक भी चिंतित हो गए और इस योग के प्रभाव को बेअसर करने के लिए ही ये खास तांत्रिक पूजा की गई।

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