BREAKING NEWS: टाटा को SC से बड़ा झटका, सरकार को लौटानी होगी सिंगूर जमीन

नई दिल्ली (31 अगस्त): सिंगूर जमीन अधिग्रहण मामले में टाटा मोटर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में कंपनी द्वारा नैनो प्लांट के लिए सीपीएम सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण को अवैध ठहराते हुए वापस लौटाने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट ने टाटा को आदेश दिया है कि वह नैनो प्लांट के लिए ली गई जमीन बंगाल सरकार को 12 हफ्तों में वापस दे। कोर्ट ने कहा कि इस जमीन को लेते समय किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया गया। इसी के साथ कोर्ट ने टाटा का सिंगूर में जमीन अधिग्रहण को खारिज कर दिया।

2006 में पश्चिम बंगाल सरकार ने टाटा मोटर्स को नैनो प्लांट लगाने के लिए जमीन दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि जिन किसानों को मुआवजा मिल गया था, उन्हें लौटाना नहीं होगा क्योंकि वे पिछले एक दशक से अपनी जीविका से महरूम थे।

सिंगूर में इस जमीन अधिग्रहण को लेकर व्यापक पैमाने पर आंदोलन शुरू हो गया था। 2008 में टाटा ने नैनो प्लांट को गुजरात में शिफ्ट कर दिया था। सिंगूर में इस जमीन अधिग्रहण के खिलाफ प्रदेश के किसान सड़क पर आंदोलन करने निकल गए थे। प्रदेश की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया था। तब वह पश्चिम बंगाल में विपक्ष की नेता थीं।

कोर्ट ने लेफ्ट सरकार और टाटा मोटर्स की इस डील अवैध करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि सिंगूर में किसानों से जमीन गलत तरीके से ली गई। कोर्ट ने कहा कि पूरी प्रक्रिया हैरान करने वाली और आंख में धूल झोंकने वाली थी। बंगाल की लेफ्ट सरकार ने टाटा मोटर्स को नैनो फैक्ट्री के लिए सिंगूर में 1,000 एकड़ जमीन मुहैया कराई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया है।

2006 में इस डील के कारण बंगाल की लेफ्ट सरकार बुरी तरह से प्रभावित हुई थी। हालांकि कोलकाता हाई कोर्ट ने डील पर मुहर लगा दी थी लेकिन विपक्षी पार्टियों ने इस फैसले को सुप्रीम में चुनौती दी थी। टाटा ने कोर्ट में कहा था कि वजह जमीन लौटाने के बजाय सिंगूर में दूसरे प्रॉजेक्ट पर काम करना चाहती है।