पाकिस्तान को बड़ा झटका- खत्म होगा सिंधु जल समझौता !

नई दिल्ली (3 फरवरी): सिंधु जल संधि विवाद पर जार-जार रो रहे पाकिस्तान के लिए एक और बुरी खबर आयी है। यूनाईटेड नेशंस की एक रिपोर्ट ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु चल समझौता बरकरार रहने की उम्मीद बहुत कम है। हालांकि इस रिपोर्ट ने मोदी या भारत की मौजूदा चेतावनियों का कोई जिक्र नहीं है। बल्कि यह जरूर कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष के समाधान का जीवंत उदाहरण रहा है, लेकिन 1990 के दशक की शुरुआत में पानी की कमी ने इस संधि में तनाव पैदा किया और इसके कायम रहने की उम्मीद कम लगती है।

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की ‘विकास पैरोकार पाकिस्तान’ नामक रिपोर्ट में कहा गया है, ‘यह संधि दो मुद्दों का हल करने में विफल रही है। पहला मुद्दा गर्मियों के मौसम में नदी का प्रवाह कम होने पर भारत और पाकिस्तान के बीच जल के बंटवारे का है तथा दूसरा मुद्दा पाकिस्तान में चिनाब नदी के प्रवाह पर पानी की कमी के सामूहिक असर का है।’’

 

रिपोर्ट के अनुसार झेलम और नीलम नंदियों पर वुलार बैराज और किशनगंगा परियोजना इसी तरह की समस्या को सामने रखती हैं जहां रबी की फसल के दौरान पानी की कमी की स्थिति गंभीर हो जाती है और खरीफ के दौरान प्रवाह 20 फीसदी तक रह जाता है। यह रिपोर्ट जारी की गई। इसमें कहा गया है, ‘‘40 वर्षों से सिंधु जल संधि ने विवाद के समाधान का अनोखा उदाहरण रही है।