रियो: सिंधू vs कैरोलिना, जानिए किसमें कितना है दम

नई दिल्ली(19 अगस्त): रियो ओलंपिक में पीवी सिंधु ने भारत के लिए गोल्ड की आस जगा दी है। आज हर भारतीय की यही तमन्ना और चाहत है कि सिंधू जीते और भारत की झोली में सोना आए।

- मुकाबला फाइनल का है, ऐसे में टक्कर रोमांचक होने से कोई इनकार नहीं कर सकता, चूंकि भारत की शेरनी सिंधू का मुकाबला दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी से है, इसलिए ये कांटे का मुकाबला है। इस वक़्त सिंधू का जो फॉर्म और जज्बा है वो बता रहा है कि जीत उनके बाएं हाथ का खेल है।

- आपको बता दें कि सिंधू का मुकाबला दूनिया की नंबर वन खिलाड़ी कैरोलिना मारिन से है।

आइए जानते हैं कि किसमें कितना है दम:-

सिंधू का पक्ष

-सिंधू के फाइनल तक का सफर बहुत ही शानदार रहा है। ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने तक वो एक भी मैच नहीं हारी हैं।  क्वॉर्टर फाइनल मुकाबले में सिंधू ने विश्व रैंकिंग में नंबर दो की चीनी खिलाड़ी वांग यिहान को करारी शिकस्त दी और सेमिफाइनल में जगह बनाई।

-सेमिफाइनल में सिंधू ने शानदार खेल दिखाते हुए जापान की निजोमी ओकुहारा को हरा कर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। सिंधू के अब तक मुकाबले से साफ है कि वो दुनिया के नंबर 2 और नंबर 6 को हरा चुकी है। इसलिए उनके हौसले बुलंद हैं।

-पहली बार ओलंपिक में खेल रही सिंधु की ताकत उनकी लंबाई और फुर्ती है। 5 फूट 10 इंच की सिंधु की अबतक की सबसे बेहतर रैंकिंग 9 रही है। इसके साथ ही रियो ओलंपिक में दूनिया की नंबर 2 रैंक की खिलाड़ी को हरा चुकी है। 

- 8 साल की उम्र में बैडमिंटन की शुरूआत करने वाली सिंधु मौजूदा समय के रैंकिग में नंबर 10 पर हैं। सिंधू ने अपने सफर की शुरूआत साल 2009 में आयोजित जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीत कर की थी।

- सिंधू और कैरोलिना मारिन 7 बार एक दूसरे से भिड़ चुकी हैं जिसमें सिंधू को 3 बार सफलता मिली जबकि 4 बार उन्हें हार का सामना करा पड़ा। यानी साफ है कि सिंधु पहले भी दुनिया की इस नंबर वन खिलाड़ी कैरोलिना को एक बार नहीं तीन-तीन बार हरा चुकी हैं। और इस बार हार और जीत को बराबरी करने का मौका है।

कैरोलिना मारिन

23 साल की कैरोलिना की सबसे बड़ी ताकत है उनकी वह लंबी रैली गेम में नहीं थकना। दो बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी कैरोलिना पावर गेम में विश्वास रखती हैं। पीछले एक साल से कैरोलिना रैंकिंग में नंबर एक पर बनी हुई हैं. लेकिन कैरोलिना को 2012 के ओलंपिक में सेमिफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।