सिंध भारत का हिस्सा नहीं, मुझे इस बात का दुख: आडवाणी


नई दिल्ली(10 अप्रैल): बीजेपी नेता और मार्गदर्शक मंडल के सदस्य लालकृष्ण आडवाणी ने इशारों-इशारों में पाकिस्तान से संबंध सुधारने की वकालत की है।


- आडवाणी ने इसके साथ ही बंटवारे के बाद सिंध के पाकिस्तान में चले जाने का दुख भी बयां किया।


- आडवाणी इससे पहले भी सिंध के बिना भारत को अधूरा बता चुके हैं। आडवाणी का जन्म कराची में एक सिंधी परिवार में हुआ था। बचपन की यादें जुड़ीं होने कारण कराची आडवाणी का सबसे पसंदीदा शहर है। इस बात को वह कई बार सार्वजनिक तौर पर स्वीकार चुके हैं।


- दिल्ली में इंडिया फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में आडवाणी ने कहा, 'मैं किसी देश का नाम नहीं लेना चाहूंगा, लेकिन एशिया में भी कई देश हैं जिनके साथ संबंध सहज हो जाएं तो मुझे खुशी होगी।'


- आडवाणी में इसके बाद सिंध के पाकिस्तान में चले जाने पर दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा, 'भारत का वह हिस्सा, जहां बंटवारे से पहले मेरा जन्म हुआ था, आजादी के बाद अलग हो गया।' आडवाणी ने कहा, 'सिंध के आज भारत का हिस्सा न होने पर मुझे दुख होता है।'