आपका बच्चा कितना लंबा होगा, जानिए इस फॉर्मूले से....

नई दिल्ली (5 मई) :  क्या आप ये जानने में इच्छुक है कि आपका बच्चा बड़ा होकर कितनी लंबाई हासिल करेगा?  इसके लिए एक साधारण गणित का फॉर्मूला है। लेकिन ये पत्थर की लकीर नहीं है, कई बार ये फेल भी हो सकता। हां, औसतन इसके नतीजे सही आते हैं।   

ये फॉर्मूला करीब 5 दशक से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे न्यू यॉर्क टाइम्स ने प्रकाशित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिकतर (सारे नहीं) बच्चे कद में उसी कद के आसपास तक ही बढ़ते हैं जिसे उसके माता-पिता के संयुक्त कदों के औसत से निकाला जाता है।  

आप भी अपने बच्चों के कद को इस फॉर्मूले से निकाल सकते हैं।

लड़के का कद कैसे जानें?

लड़के का अनुमानित कद जानने के लिए माता पिता, दोनों के कदों को जोड़ दिया जाए, फिर उसमें 5 इंच (13 सेमी) और जोड़े जाएं। फिर जो भी टोटल आए उसे 2 से भाग कर दें। जो नतीजा आएगा वही लड़के का अनुमानित कद होगा।

लड़की का कद कैसे जानें?

लड़की का अनुमानित कद जानने के लिए माता पिता, दोनों के कदों को जोड़ दिया जाए, फिर उसमें से 5 इंच (13 सेमी) घटा दिए जाएं। फिर जो भी टोटल आए उसे 2 से भाग कर दें। जो नतीजा आएगा वही लड़की का अनुमानित कद होगा।

ये अनुमान पूरी तरह विश्वसनीय नहीं है, क्योंकि इनमें पर्यावरण से जुड़े कारक, पोषण आदि भी कद के निर्धारण में अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन आनुवांशिकी (जेनेटिक्स) किसी के निर्णायक कद को तय करने में 60 से 80 फीसदी भूमिका निभाते हैं। 

वर्ष 2000 में फिनिश ट्विन्स के 8,798 जोड़ों पर किए गए एक अध्ययन से पता चला था कि वयस्क पुरुष का कद तय करने में 78 फीसदी और वयस्क महिला का कद तय करने में 75 फीसदी आनुवांशिकी का योगदान रहा।

लेकिन एक तथ्य ये भी है कि एक ही माता-पिता की सभी संतान ऊंचाई में एक जैसी नहीं होती। अध्ययन के मुताबिक संतान में जो छोटे होते हैं, उनका कद अपेक्षाकृत घटता जाता है। यानी पहली संतान का कद बड़ा होगा। फिर अगली संतानों का कद छोटा होता जाएगा।

बच्चों के कद के अनुमान का एक और प्रचलित तरीका है कि लड़के की दो साल की उम्र में जितनी ऊंचाई होती है उसे दुगना कर दिया जाए। लड़कियों के मामले में डेढ़ साल की ऊंचाई को दुगना किया जाए।