पुलिस ने कहा एनकाउंटर सही, ओवैसी, आप और कांग्रेस ने उठाए ये सवाल...

नई दिल्ली (31 अक्टूबर): भोपाल सेंट्रल जेल से भागे 8 सिमी आतंकियों के एनकाउंटर पर राजनीति तेज हो गई है। पुलिस एनकांउटर को सच बता रही है। शिवराज सरकार पुलिस की पीठ थपथपा रही है वहीं कांग्रेस, आप और एमआईएम ने मुठभेड़ पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने पूरे घटनाक्रम को साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। दिग्विजय सिंह को शक है कि आतंकियों को किसी योजना के तहत जेल से भगाया गया। वहीं,कमलनाथ ने मामले की जुडिशल जांच की मांग की है।

आम आदमी पार्टी ने भी आतंकियों के एनकाउंटर पर सवाल उठाएं हैं। AAP नेता और विधायक अलका लांबा ने ट्वीट कर कहा कि आतंकी मारे गए, अच्छा हुआ। 8 आतंकियों का एक साथ भागना, फिर कुछ घंटों बाद एक ही साथ एनकाउंटर में मारे जाना। सरकार के पास 'व्यापम' फॉर्मूला भी था।

AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी पुलिस एनकाउंटर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट पूरे मामले की जांच की अपील की है। ओवैसी के मुताबिक जेल से फरार कैदी अच्छी तरह से कपड़े पहने कैसे हो सकते हैं? साथ ही उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पास तो हथियार भी नहीं थे।

उधर बीजेपी ने विपक्ष के सवाल को 'विकृत सोच' बताया है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इसे मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कामयाबी बता रहे हैं। राज्य के गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह के मुताबिक पुलिस के पास एनकाउंटर के अलावा कोई और चारा नहीं था। गृह मंत्रालय ने पूरे मामले पर राज्य सरकार से रिपोर्ट भी मांगी थी। वहीं,चार जेल अफसरों को सस्पेंड भी कर दिया गया था। शिवराज ने आतंकियों के भागने की घटना को राजद्रोह के बराबर की लापरवाही करार दिया था। वहीं, आतंकियों पर 5-5 लाख रुपए के इनाम का भी ऐलान किया गया था।

आपको बता दें की दिवाली की देर रात भोपाल की सेंट्रल जेल से सिमी के आठ आतंकी एक हेड कॉन्सटेबल की हत्या करके और एक को बंधक बनाने के बाद फरार हो गए थे।इसके बाद भोपाल समेत पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। चंद घंटों के बाद पुलिस ने भोपाल के बाहरी इलाके में सभी आतंकियों को ढेर कर दिया। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने जेल में मिली चादरों की रस्सी बनाई, उसी के सहारे दीवार फांद कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि इसमें से कुछ आतंकी वे भी हैं जो 2013 में खंडवा जेल से भागे थे।