सिमी का ISIS कन्नेकशन

इंद्रजीत सिंह, मुंबई(10 अगस्त): महाराष्ट्र के परभणी और हिंगोली से एक महीने  के अंदर चार आईएस संदिग्धों  की गिरफ़्तारी हुई है, लेकिन सबसे  चौंकाने वाली बात ये है की ये सभी आपस में जुड़े हैं। 

- ये 2012 में औरंगाबाद एटीएस से एनकाउंटर में मारे गए सिमी ऑपरेटिव खलील अली खिलजी की मौत का बदला लेना चाहते थे। इसके लिए उनका प्लान औरंगाबाद एटीएस दफ्तर पर लोन वुल्फ़ अटैक और एक बड़े पुलिस आफिसर की हत्या का था।

- जानकार मानते है कि प्रतिबन्ध के बावजूद सिमी पूरी तरह से ख़त्म नहीं हुई है। सिमी का स्लीपर सेल देश में मौजूद है जो पहले  इंडियन मुजाहिद्दीन के रूप में काम करने लगा और जब इंडियन मुजाहिद्दीन पर शिकंजा कसा तो आईएस आईएस की मदद करने लगा।    - ये सभी संगठन एक दूसरे को मदद देते हैं उड़ीसा के राउरकेला से गिरफ्तार महबूब, अमज़द खान और ज़ाकिर हुसैन जोकी खण्डवा जेल से फरार सिमी के आतंकी थे। इन तीनों आरोपियों से जब एनआईए ने पूछताछ की तो पता चला की इन लोगों ने बैंक लूट के पैसे बैन संगठन सिमी के रांची मॉड्यूल को भेजा था  और तभी सिमी का आईएस लिंक सामने आया था और अब आईएस  संदिग्ध् इक़बाल अहमद कबीर की गिरफ़्तारी जोकी  नासेर बिन चाऊस और शाहीद खान से पूछताछ के बाद हुई है।

- अहमद ने एटीएस  की पूछताछ में चौकाने वाले खुलासे किये है जिसके मुताबिक आईएस के परभणी मॉड्यूल का प्लान काफी बड़ा था। तीनों से पूछताछ के मुताबिक परभणी मॉड्यूल सिर्फ चार  लोगों तक सिमित नहीं है बहुत से युवा उनसे प्रभावित हैं इसलिए महाराष्ट्र एटीएस का पूरा फोकस मराठवाड़ा की तरफ है और ये भी देखा जा रहा है की इनकी फंडिंग कहाँ से हो रही है।    - एटीएस अब आसपास के जिलों में भी परभणी मॉड्यूल की तलाश कर रही है। महाराष्ट्र के हिंगोली शहर आज़म कॉलोनी से भी एटीएस ने जिस जिल्हा परिषद शिक्षक को गिरफ्तार किया है। औरंगाबाद ATS उससे पूछताछ कर रही है। इससे पहले परभणी से गिरफ्तार दूसरे संदिग्ध शाहिद के पास से एटीएस ने डेढ़ किलो का आईईडी बम  बरामद किया था। शाहिद भी खुद को नासिर चाउस की तरह ही एक लोन वुल्फ की तरह तैयार किया था।