सिंहस्थ-2016: तीन सींग-तीन आंख वाले 'नंदी' के दर्शन को उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़

 

नई दिल्ली (3 मई): उज्जैन में सिंहस्थ में इन दिनों एक नंदी चर्चा और कौतूहल का विषय बना हुआ है। त्रिशूल जैसे तीन सींगों और माथे पर तीसरी आंख के निशान के चलते यह नंदी शिव के नंदी की तरह देखा जा रहा है। इस नंदी को बुंदेलखंड के छतरपुर से बलदेव महाराज लेकर आये हैं। बलदेव महाराज इस नंदी को लेकर वे कई कहानियां सुनाते हैं। बाबा के मुताबिक यह नंदी करीब दस साल से उनके पास हैं।

बाबा का दावा है कि करीब डेढ़ साल पहले जटाशंकर धाम के जंगलों में नदी के किनारे इस नंदी की बाघ से भिडंत हो गयी थी। हालांकि बाघ के पंजों से नंदी घायल हुआ था लेकिन उसने बाघ को भागने पर मजबूर कर दिया था। बलदेव महाराज के मुताबिक उनका नंदी जब हुंकार भरता है तो ओम की ध्वनि सुनी जा सकती है। नंदी कहां मिला इस सवाल पर बाबा बताते हैं कि किशनगढ़ के पास एक गांव में एक किसान की गाय ने इस अनोखे बछड़े को जन्म दिया था।

दो-तीन साल की उम्र तक यह उसी किसान के पास रहा। लेकिन अचानक उग्र हो जाने पर वह किसान उनको जटाशंकर धाम में छोड़ गया। लोगों को लगता है कि नंदी के कान में अगर वे अपनी मनोकामना बोलेंगे तो भगवान शिव उसे जरूर पूरा कर देंगे। इसलिए लोग लाइन लगाकर इस नंदी के कान में अपनी मनोकामना बोलते हैं।