'चालाक' चीन बोला- भारत ने पंचशील समझौते को 'कुचल दिया'

नई दिल्ली(6 जुलाई): सिक्किम गतिरोध को लेकर अपना रुख और कड़ा करते हुए चीन ने भारत पर पंचशील सिद्धांतों को 'कुचल देने का आरोप लगाया। चीन ने कहा कि नई दिल्ली जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी अपने सैनिक वापस बुलाकर 'अपनी गलतियां सुधारे।'

- चीन ने यह भी दावा किया कि भारत यह कहकर 'आम लोगों को गुमराह' कर रहा है कि सिक्किम सेक्टर में 'सिक्किम गलियारा' या 'चिकन्स नेक' के पास चीनी जवान सड़क का निर्माण कर रहे हैं जो पूर्वोत्तर राज्यों में भारत की पहुंच के लिये खतरा बन सकता है।

- चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेन शुआंग ने कहा, 'मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत का कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का उल्लंघन है। जैसा कि हम जानते हैं कि 1950 के दशक में चीन, भारत और म्यांमार ने सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांत (पंचशील) दिए थे।' उन्होंने कहा, 'यह सबको हैरान कर गया कि भारतीय पक्ष ने दूसरे देश की सीमा में गैरकानूनी ढंग से दाखिल होकर अंतरराष्ट्रीय संबंधों को आगे बढ़ाने वाले मौलिक नियमों को कुचलने का काम किया है जिन्हें खुद उसने प्रस्तावित किया था।'

- जेंग शुआंग ने कहा, '1890 की चीन-ब्रिटिश संधि की अवमानना करते हुये भारतीय पक्ष ने कहा कि डोक ला तीन देशों के तिराहे के क्षेत्र में स्थित है, यह जनता को गुमराह करना है।' जेंग ने इस बात पर जोर दिया, '1890 की संधि कहती है कि सिक्किम क्षेत्र की सीमा पूर्वी पहाड़ियों से शुरू होती है और यह घटना (सडक निर्माण की) गिपमोची पर्वत से करीब 2000 मीटर दूर हुई है।'

- उन्होंने दावा किया कि इस घटना का चीन, भारत और भूटान के बीच तिराहे से कुछ लेना-देना नहीं है। जेंग ने चीन द्वारा सड़क निर्माण का बचाव करते हुए कहा, 'भारतीय पक्ष दरअसल यह कह कर जनता को भ्रमित कर रही है कि यह घटना तीनों देशों की सीमा के मिलन बिंदू की है।' भारत और भूटान चीन द्वारा सड़क बनाये जाने का विरोध कर रहे हैं। भारत ने सड़क निर्माण पर चिंता व्यक्त करते हुये आशंका जताई थी कि इससे उसके पूर्वोत्तर राज्यों से संपर्क काटने में चीनी सैनिक कामयाब हो सकते हैं।