बौखलाए चीन ने दी सिक्कम की आजादी के समर्थन की धमकी

नई दिल्ली (6 जुलाई): भारत से मिले कड़े जवाब के बाद चीन पूरी तरह से बौखला गया है। जारी तनातनी के बीच मीडिया के सहारे भारत पर लगातार हमले कर रहा है। अब चीनी मीडिया ने धमकी भरे अंदाज में कहा है कि अगर भारत ताजा सीमा विवाद में पीछे नहीं हटता तो पेइचिंग सिक्किम को भारत से आजाद करने की मांग को बढ़ावा देगा।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के अखबार 'द ग्लोबल टाइम्स' में छपे संपादकीय में लिखा है, 'सिक्किम की आजादी का समर्थन करना नई दिल्ली से निपटने के लिए पावरफुल कार्ड साबित हो सकता है।' लेख के मुताबिक, भारत को सीमा विवाद उकसाने का परिणाम भुगतना होगा। इसके अलावा, चीन को नई दिल्ली के उस क्षेत्रीय वर्चस्व की कोशिश पर पूर्णविराम लगाने की जरूरत है जोकि लगातार बढ़ते हुए अपने चरम पर पहुंच गया है।

अखबार में छपे संपादकीय के मुताबिक, 'चीन ने 2003 में ही सिक्किम के भारत में शामिल होने को मान्यता दे दी थी लेकिन वह अब इस मसले पर अपना रुख बदल सकता है। सिक्किम में वे लोग भी हैं जो इतिहास में खुद को अलग देश का मानते हैं।' 

संपादकीय में यह भी लिखा गया है कि चीन को सिक्किम में आजादी की मांग को बढ़ावा देकर उसे भारत से अलग करने का समर्थन करना चाहिए। इसमें लिखा है, 'नई दिल्ली ने 1975 में सिक्किम के राजा को हटा दिया था और सिक्किम को भारत का हिस्सा बनाने के लिए देश की संसद को भी चालाकी से जनमत संग्रह कराने के लिए तैयार कर लिया था। भारत का सिक्किम पर कब्जा करना वह बुरा सपना है जो भूटान को डरा रहा है।'

संपादकीय के मुताबिक, 'भारत ने भूटान को इस कदर नियंत्रित कर रखा है कि उसके परिणाम के तौर पर भूटान ने कभी भी अपने पड़ोसी चीन या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के किसी भी स्थाई सदस्य के साथ रिश्ते बहाल नहीं किए। गैर बराबर संधियों के जरिए भारत ने भूटान की कूटनीतिक संप्रभुता को खतरे में डाल दिया है और उसके राष्ट्रीय सुरक्षा को भी नियंत्रण में रखा है।'

आगे लिखा है, 'ताजा सीमा विवाद से भारत का भूटान पर नियंत्रण साफ जाहिर हो गया है। भूटान की संप्रभुता की रक्षा का बहाना बनाकर भारत, चीन के क्षेत्र में उसके द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण में बाधा डाल रहा है।' लेख में यह भी कहा गया है कि भूटान से रिश्ते सुधारने के लिए चीन को और मेहनत करने की जरूरत है।