आतंकी कह सिख बस ड्राइवर को पीटा जा रहा था, उसने यात्रियों की सुरक्षा के लिए ब्रेक से पैर नहीं हटाया

  

नई दिल्ली (14 जनवरी) : अमेरिका के लॉस एंजिलेस में एक सिख बस ड्राइवर पर क्रूरता से हमला किया गया। साथ ही उसे आतंकवादी और सुसाइड बॉम्बर कहा गया। पीड़ित के प्रतिनिधियों ने बुधवार को इस आशय का बयान दिया। बता दें कि ये बयान पुलिस को घटना की जानकारी दिए जाने के दो महीने बाद आया है।

सिख कोएलिएशन ग्रुप पीड़ित बलविंदर जीत सिंह की नुमाइदगी कर रहा है जिसने 17 साल तक बस ड्राइवर के तौर पर काम किया था।

6 नवंबर 2015 को हुई इस घटना के दौरान जब एक यात्री बलविंदर को पीट रहा था, तब उसने ब्रेक पर अपना पैर दबाए रखा जिससे बस के यात्रियों और सड़क पर चल रहे लोगों की जान को कोई ख़तरा नहीं हो। इस हमले के बाद बलविंदर को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। हमले के बाद बलविंदर की आंख, मुंह और जबड़े में सूजन आ गई थी। साथ ही आंख में संक्रमण भी हो गया था।  

सिख कोएलिएशन का कहना है कि हमले के दो महीने बाद भी बलविंदर को धुंधला दिखने के साथ आंख में दर्द है।

बलविंदर ने इस मामले में चल रही आपराधिक जांच में अपनी नुमाइंदगी का ज़िम्मा सिख कोएलिएशन को दिया है। बलविंदर ने घटना की तत्काल जानकारी पुलिस को दी थी लेकिन उसने सार्वजनिक तौर पर इसका खुलासा अब किया। बलविंदर का कहना है कि सिख कोएलिएशन के संपर्क में आने से पहले पता नहीं था कि इस मामले में कया करना है।  

सिख कोएलिएशन के हवाले से जारी बयान में बलविंदर ने कहा, मैं जानता हूं कि मेरी कहानी से खुलासा होगा कि समुदाय को देश में किस तरह की नफरत का सामना करना पड़ रहा है।

लॉस एंजिलेस काउंटी शेरिफ ऑफिस के मुताबिक जिसने हमला किया था वो इस वक्त एक दूसरे आपराधिक मामले में पुलिस की हिरासत में है।

बता दें कि बलविंदर के मामले में आरोपी पर हमला करने के मामूली आरोप लगे थे। बयान में कहा गया कि ये आरोप हमले की उस हिसक प्रवृत्ति के अनुरूप नहीं थे, साथ ही इनसे हमलावर की सिख विरोधी मानसिकता का भी नहीं पता चलता। सिख कोएलिएशन की एक कानूनी टीम स्थानीय शेरिफ डिपार्टमेंट और एफबीआई के साथ मिलकर काम कर रही है जिससे हेट क्राइम की जांच और अभियोजन हो सके।