परिवार का आरोप, कैश की कमी ने ली महिला की जान

नई दिल्ली (20 अप्रैल): एटीएम में नकदी की किल्लत दूर करने के लिए सरकार के सख्त रुख से हालात सुधरने के आसार हैं। अधिकांश राज्यों में 80 फीसद एटीएम में कैश है जबकि बाकी राज्यों में बैंकों को एक दिन के भीतर तीन चौथाई से अधिक एटीएम में कैश उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। एटीएम में 500 रुपये और 2000 रुपये के नोट डाले जा रहे हैं।

इस बीच बिहार से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां इलाज के लिए बैंक से पैसे निकालने गई एक बीमार महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ये महिला पिछले चार दिनों से पैसों के लिए बैंक के चक्कर काट रही थी, लेकिन उसे पैसे नहीं मिल पा रहे थे। पैसों के लिए किया डेढ़ घंटे इंतजार पूरी घटना रूपौली के मैनी संथाल टोले की है, जहां रहने वाली नूरजहां खातून पिछले चार दिनों से बैंक से पैसे निकालने जा रही थी।

गुरुवार को वह बैंक के बाहर ऑटो में अपनी बारी का इंतजार कर रही थी। डेढ़ घंटे इंतजार के बाद महिला की मौत हो गई। इस घटना की जानकारी देते हुए नूरजहां के बेटे ने बताया कि उनकी मां पिछले कुछ दिनों से बीमार थी। इसके बाद भी वो चार दिनों रूपौली में स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच से पैसे निकालने के लिए जा रहीं थीं। लेकिन बैंक में पैसा नहीं होने की बात कहकर लौटा दिया जाता था। गुरुवार सुबह सास को 10:30 बजे ऑटो से बैंक लाया गया। उन्हें इलाज के लिए पूर्णिया ले जाना था।

उन्हें 17 हजार रुपया निकालना था। लेकिन बैंक वाले तैयार नही थे। एक कर्मचारी बैंक के में बैठी बीमार मा को देखने के बाद सिर्फ पांच हजार देने को तैयार हुआ।लेकिन जब तक वह पैसा देता बीमार माँ की हालात खराब हो गई। उन्हें रेफरल अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते मे ही उनकी मौत हो गई।