क्या नंबर चार की समस्या का समाधान हैं शुभमन गिल-श्रेयस अय्यर?

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(19 जुलाई):  वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को मिडिल ऑर्डर की समस्या से जूझना पड़ा। पिछले 2- 3 साल से टीम चौथे नंबर की मिथ सुलझ नहीं पाई है। इसे लेकर बैटिंग कोच संजय बांगर पर सवाल भी उठाया जा रहा हैं। टीम मैनेजमेंट ने चौथे नंबर पर तई खिलाड़ियों को ट्राई किया है। अब भारतीय टीम वेस्टइंडीज दौरे पर जा रही है। यह देखना होगा कि क्या सेलक्टर नए खिलाड़ी शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर को इस दौरे पर मौका देते हैं। शुभमन और अय्यर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

दोनों बल्लेबाज फिलहाल, इंडिया-ए टीम के साथ वेस्ट इंडीज का दौरा कर रहे हैं। गिल ने जहां पिछले दो मैचों में 62 और 77 रनों की पारी खेली है तो वहीं अय्यर पहले मैच में 77 ओर अगले मैच में 47 रन बनाए। कप्तान मनीष पांडे ने पिछले मैच में शतक जमाया, लेकिन उन्हें पांच या छठे नंबर के लिए देखा जा रहा है।

भारत के लिए नंबर चार एक अबूझ पहेली बना हुआ है। अगले साल ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्व कप खेला जाना है। इससे पहले टीम मिडिल ऑर्डर की कमी को दूर करना चाहेगी। बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि मध्यक्रम में लगातार किए गए बदलावों ने केवल विश्व कप में ही नहीं बल्कि पिछले कई सीजन में भारतीय टीम को परेशानी में डाला है।

अधिकारी ने कहा, ‘हमें लगातार जूझना पड़ा। हम खिलाड़ियों को पूरा समर्थन करते हैं क्योंकि एक खराब दिन के अलावा टूर्नमेंट में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। लेकिन भविष्य के बारे में कोई निर्णय लेने से पहले स्पोर्ट स्टाफ के निर्णय की समीक्षा जरूर होगी। विजय शंकर के चोटिल होने के कारण टूर्नमेंट से बाहर होने से एक दिन पहले बांगड़ का यह कहना है कि सभी खिलाड़ी फिट है बहुत निराशाजनक है।’

अधिकारी ने कहा, ‘सपॉर्ट स्टाफ के प्रदर्शन की समीक्षा में अनियमितता देखी गई क्योंकि जिन लोगों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थीं वह चाहते थे कि स्टाफ के कुछ लोग अपनी पोजिशन पर बने रहें। वरिष्ठ कर्मचारियों सहित मौजूदा प्रशासन क्रिकेट के सभी निर्णय को लेकर उलझन में थे और यहां तक कि क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) की भी अनदेखी की जिसमें सचिन तेंडुलकर, सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। यह बेहद शर्म की बात है।’