श्रमजीवी एक्सप्रेस ब्लास्ट केस: आरोपी बांग्लादेशी नागरिक को मौत की सजा का ऐलान

जौनपुर (31 अगस्त): 11 साल पहले हुए श्रमजीवी एक्सप्रेस बम विस्फोट कांड के आरोपी बांग्लादेशी नागरिक ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई को मौत की सजा सुनाने के साथ ही 10 लाख तीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।

कोर्ट ने आरोपी ओबैदुर्रहमान को हत्या व हत्या की साजिश रचने के आरोप में मंगलवार को दोषी करार दिया था। उसे बिना वीजा, पासपोर्ट के बांग्लादेश से भारत में प्रवेश करने तथा विस्फोटक बनाने का भी आरोपी पाया गया। अभियोजन के अनुसार ओबैदुर्रहमान पर मुठभेड़ में मारे जा चुके आरोपी यहिया खान के साथ विस्फोट के एक दिन पहले पटना के खुसरूपुर में अन्य आरोपियों की मदद से सामान खरीदकर बम बनाने का आरोप है।

इस बम को अभियुक्त हिलाल व रोनी ने ट्रेन में रखकर विस्फोट कराया था। आरोपियों को बम देकर वह बांग्लादेश चला गया। वहां हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद भागकर भारत आया, पं. बंगाल के रघुनाथगंज में फारनर्स एक्ट में गिरफ्तार कर मुर्शिदाबाद के बरहामपुर जेल लाया गया।

कोलकाता में गिरफ्तार अब्दुल्ला, तारिक व नूर मोहम्मद के बयान से ओबैदुर्रहमान का नाम श्रमजीवी विस्फोट कांड में सामने आया। इसी तफ्तीश के दौरान यह बात भी सामने आई कि वह लश्कर ए तोएबा व आइएसआइ के लिए भी काम करता था।

यह घटना 28 जुलाई 2005 को लखनऊ वाराणसी रेल प्रखंड पर स्थित हरिहरपुर रेलवे क्रासिंग के पास हुई थी। इस आतंकी विस्फोट में 12 लोगों की जान गई थी, जबकि 60 लोग घायल हुए थे।