रियो ओलंपिक्स में भाग लेने वाले भारतीय तैराक के पास ट्रेनिंग के लिए नहीं हैं पैसे, मेडल्स बेचने की दी धमकी

नई दिल्ली (10 दिसंबर): रियो ओलंपिक्स में भारत की ओर से हिस्सा लेने वाले एकमात्र तैराक सजन प्रकाश को स्पेन में ट्रेनिंग के लिए जाना होता है, लेकिन उनके पास ट्रेनिंग के लिए जरुरी पैसे नहीं है, जिसके बाद उन्होंने अपने मेडल्स बेचने की धमकी दी है।

एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत करते हुए सजन प्रकाश ने बताया कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में शामिल होने के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद का अब भी इंतजार है। सजन प्रकाश तिरुवनंतपुरम राष्ट्रीय खेल में छह गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल जीत चुके हैं।

सजन ने कहा, 'पिछले दो महीने में दुबई, थाईलैंड और सिंगापुर में आयोजित हुए विभिन्न इवेंट्स में मैंने चार लाख रुपये से अधिक खर्च कर दिया है। यह सभी पैसे मेरी जेब से गए हैं।' उन्होंने बताया कि अब उनके पास पैसे नहीं हैं जिससे वे स्पेन में होने वाली ट्रेनिंग में हिस्सा ले सकें। इसके अलावा न ही उन्हें किसी भी तरह का स्पॉन्सर ही मिला है।

प्रकाश ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों द्वारा खिलाडि़यों के लिए की जाने वाली तमाम मदद की बातें सिर्फ पेपर तक ही सीमित रह जाती हैं। उन्होंने कहा, 'हम लागातार मेडल्स न जीत पाने के लिए रोते हैं लेकिन खिलाडि़यों की मदद के लिए किसी भी तरह की कोई मदद नहीं की जाती है।'प्रकाश ने आगे कहा कि हमें विदेशी खिलाडि़यों से टक्कर लेने के लिए अच्छी और बेहतर ट्रेनिंग की जरूरत होती है। केवल किसी इवेंट में विदेश भेज देना ही काफी नहीं होता है।

प्रकाश ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर से भी ट्वीट के जरिए से आर्थिक मदद की अपील की लेकिन कोई रिप्लाई नहीं आया। तैराक ने कहा कि यहां मैं कोई पैसे कमाने के लिए नहीं आया हूं। मैं अपने देश को गर्व महसूस कराना चाहता हूं लेकिन बिना किसी आर्थिक मदद और स्पॉन्सर के यह सब संभव नहीं है।