चौंकाने वाली रिपोर्ट, देश में हर 15 परिवार पर है एक दुकान

नई दिल्ली(11 सितंबर): भारत में रिटेल शॉप्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसकी वजह भारतीयों का आंत्रप्रेन्योरशिप में तेजी से बढ़ता भरोसा भी है। 

- एक आंकड़े के मुताबिक देश में फिलहाल 1.6 करोड़ रिटेल शॉप्स हैं यानी हर 15 परिवार के लिए एक दुकान है। किसी भी इकॉनमी की मजबूती के लिए मैन्युफैक्चरिंग को हमेशा से महत्वपूर्ण माना जाता रहा है, लेकिन एक करोड़ यूनिट्स के साथ भारत में यह रिटेल के बाद दूसरे स्थान पर है। हालांकि नौकरियां देने के मामले में यह रिटेल सेक्टर से आगे है।

- मैन्युफैक्चरिंग में देश की 3 करोड़ आबादी लगी हुई है, जबकि रिटेल सेक्टर 2.7 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहा है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट कंपनियां, वेअरहाउजिंग, होटल एवं रेस्तरां और हेल्थकेयर से संबंधित कंपनियां सबसे अधिक रोजगार दे रही हैं। हाल के दिनों में एजुकेशन सेक्टर भी एक बड़े एंप्लॉयर के तौर पर उभरा है। इस सेक्टर में करीब 20 लाख लोग काम कर रहे हैं।

- केंद्र सरकार की ओर से 2013 में कराई गए छठे आर्थिक सर्वे में यह तथ्य सामने आए हैं। इस सर्वे के विस्तृत परिणाम इसी साल की शुरुआत में जारी किए गए थे। इस इकॉनमिक सर्वे में खेती से इतर देश के सभी इंटरप्राइजेज को शामिल किया था। इस सर्वे में 5.8 करोड़ इंटरप्राइजेज की गणना की गई, जिनमें 13 करोड़ लोग नौकरी कर रहे हैं। इससे पहले 2005 में इकॉनमिक सर्वे कराया गया था।