कश्मीर पर हर समझदार पाकिस्तानी की सोच शाहिद अफरीदी जैसी होगी: शिवसेना

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 नवंबर): शिवसेना ने शुक्रवार को पाकिस्तानी क्रिकेटर और आलराउंडर शाहिद अफरीदी के उस बयान का स्वागत किया, जिसमें अफरीदी ने कहा था, पाकिस्तान को कश्मीर की जरूरत नहीं है। जब वह अपने मौजूदा चार राज्यों को अच्छे  से नहीं संभाल सकता। शिवसेना का कहना है कि पाकिस्तान के हर समझदार आम नागरिक का यही विचार होगा।

सामना में प्रकाशित इस लेख में कहा गया है, 'पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी शाहिद अफरीदी ने कश्मीर के मामले पर अपने ही देश को दो टूक सुनाया है। पाकिस्तान अपने चार प्रांत तो सही तरीके से संभाल नहीं पा रहा है, ऐसे में कश्मीर क्या संभालेगा? ऐसा सवाल अफरीदी ने किया है जिसमें कुछ भी गलत नहीं है। पाकिस्तान खुद को संभालने में ही परेशान है। आतंकवाद तथा भ्रष्टाचार को पालते-पालतेयह देश इतना कंगाल हो गया है कि सरकारी खर्चों के लिए प्रधानमंत्री निवास स्थान की भैंसों और गाड़ियों को बेचने की नौबत आ गई है।' 

सामना ने शुक्रवार को अपने संपादकीय में दावा किया है कि इन दिनों पाकिस्तान आर्थिक दिवालियेपन की दहलीज पर खड़ा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास उसने ‘बेल आउट’ पैकेज की विनती की है। इससे उस देश की आर्थिक दुर्दशा का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है। मुद्रा कोष ने पाकिस्तान की इस विनती को जब नामंजूर कर दिया तो इमरान खान पर कटोरा लेकर चीन के दरवाजे पर जाने की नौबत आ गई।

संपादकीय में लिखा है, ‘कहा जा रहा है कि चीन ने पाकिस्तान को छह अरब डॉलर की आर्थिक सहायता देना मंजूर किया है। जब वह पैसा आएगा तो उस समय पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को अस्थाई ‘ऑक्सीजन’ मिल सकेगी। जिस पाकिस्तान को खुद की अर्थव्यवस्था को जिंदा रखने के लिए चीन के आर्थिक ऑक्सीजन की जरूरत महसूस होती है वो पाकिस्तान कश्मीर को क्या संभालेगा, ऐसा अफरीदी का कहना होगा। सच तो यह है कि अफरीदी ही क्यों, पाकिस्तान के हर समझदार आम नागरिक का यही विचार होगा।’

इस लेख के अंत में लिखा गया है, 'अफरीदी ने यू-टर्न ले लिया है। हमेशा की तरह- मेरे बयान का गलत अर्थ लिया गया। ऐसा कहते हुए उन्होंने इसका ठीकर भारतीय मीडिया के ठीकरे फोड़ा है। ऐसा कहकर उन्होंने अपना असली दांत भी दिखा दिया है। कश्मीर मामले में पाकिस्तानियों की, फिर चाहे कोई भी क्यों न हो उनकी नीयत कभी साफ न थी और न रहेगी। अफरीदी मामले में वह दोबारा फिर से दिखाई दिया इतना ही अफरीदी की पहले प्रशंसा करने वाले और अब उसके यू-टर्न लेने के बाद उसे गालियां देने वालों को इसे ध्यान में रखना होगा।'