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महाराष्ट्र: सरकार गठन के लिए NCP के पास आज शाम तक का समय

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के शीर्ष नेता मंगलवार को सुबह दस बजे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निवास पर बैठक कर इस मुद्दे पर फिर विचार-विमर्श करेंगे। इस बीच, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सरकार बनाने के मामले में शिवसेना को समर्थन जुटाने के लिए दी गई शाम साढ़े सात बजे तक की समय-सीमा को आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(12 नवंबर): महाराष्ट्र की सियासत को लेकर सोमवार का दिन तो गहमागहमी भरा रहा ही, मंगलवार का दिन भी एक्शन पैक्ड रहने वाला है। आज रात 8:30 बजे तक एनसीपी को बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े का जुगाड़ करना है, अन्यथा महाराष्ट्र राष्ट्रपति शासन की ओर एक कदम और आगे बढ़ जाएगा। दिनभर चली उठा-पठक के बाद अब राज्यपाल ने राज्य में तीसरी बड़ी पार्टी एनसीपी को कल(मंलगवार) रात साढ़े बजे तक सरकार बनाने का वक्त दे दिया है। कयास लगाए  जा रहे थे कि सोमवार को शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस को साथ लेकर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

राज्यपाल से मिलकर बाहर निकले एनसीपी नेताओं ने मीडिया से कहा कि वो कांग्रेस से बात करने बाद जितनी जल्दी होगा राज्यपाल को अपना जवाब भेजेंगे। ध्यान रहे इस दौरान एनसीपी के नेताओं ने शिवसेना का नाम तक नहीं लिया। एनसीपी के नेताओं ने यह स्वीकार किया कि राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया है। जिस पर वह कल कांग्रस से बात करेंगे। 

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के शीर्ष नेता मंगलवार को सुबह दस बजे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी  के निवास पर बैठक कर इस मुद्दे पर फिर विचार-विमर्श करेंगे। इस बीच, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी  ने सरकार बनाने के मामले में शिवसेना को समर्थन जुटाने के लिए दी गई शाम साढ़े सात बजे तक की समय-सीमा को आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया। राज्यपाल ने अब NCP को इसके लिए अगले 24 घंटे का समय दिया है।

सूत्रों ने बताया कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फोन पर कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से बातचीत कर उनकी पार्टी का समर्थन मांगा। हालांकि इसे लेकर सोनिया ने कोई वचन नहीं दिया। वेणुगोपाल ने पीटीआई भाषा को बताया, ‘‘सरकार गठन को लेकर शिवसेना को कोई समर्थन पत्र नहीं सौंपा गया है। कांग्रेस ने सरकार गठन को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं किया है।’’ ठाकरे और सोनिया के बीच हुई टेलीफोन वार्ता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह शिष्टाचार वश की गयी बातचीत थी। उन्होंने कहा कि सरकार गठन को लेकर कोई वचन नहीं दिया गया है।

शिवसेना के अड़ियल रुख के कारण सत्ता से दूर हुई बीजेपीने अब जनता के बीच जाने का फैसला किया है। बीजेपी के एक नेता ने बताया कि हम जनता के बीच जाकर लोगों को बताएंगे कि किस तरह शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया है। साथ ही यह भी समझाएंगे कि सत्ता में साझेदारी रहने के दौरान शिवसेना ने विकास कार्यों में अड़ंगा डाला। आरे कारशेड और नाणार परियोजना पर शिवसेना के रुख की पोल खोली जाएगी।

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