शिवसेना बोली- दलित होना नहीं, कोविंद की योग्यता बने उनकी पहचान

नई दिल्ली(17 जुलाई): देश के 14वें राष्ट्रपति को चुनने के लिए आज मतदान होना है। नए राष्ट्रपति के चुनाव में बीजेपी नीत एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का मुकाबला विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार से है। संसद भवन के अलावा हर राज्य की विधानसभाओं में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा।

इस बीच सरकार की सहयोगी शिवसेना ने राष्ट्रपति पद पर निशाना साधा है। शिवसेना ने एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को चुनाव के लिए शुभकामनाएं दी है और साथ ही कहा है कि राष्ट्रपति पद पर रबर स्टैंप की जो मुहर लगी है उसे पोछना जरूरी है।

-  पार्टी के मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय में कहा गया है कि कुछ भी हो, आज होनेवाला राष्ट्रपति पद का चुनाव अब एकतरफा हो गया है। 

- सामना में कहा गया कि ऐसा लगता है कि रामनाथ कोविंद के खिलाफ कांग्रेस ने मीरा कुमार को जबरन चुनावी मैदान में उतार दिया है। यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार की तारीफ में लिखा गया कि उन्हें बहुत बड़ी राजनीतिक विरासत मिली हुई है लेकिन रामनाथ कोविंद के पीछे ऐसी कोई विरासत नहीं है और एक आम आदमी को देश का सर्वोच्च पद प्राप्त हो रहा है।

- संपादकीय में लिखा गया कि आगामी राष्ट्रपति कोविंद के सामने आने वाले वक्त में चुनौती बहुत बड़ी है। उन्हे स्वंय को सिद्ध करके दिखाना पड़ेगा और राष्ट्रपति पद पर रबर स्टैंप की जो मुहर लगी है उसे पोछना होगा। कोविंद सभ्य और सीधे व्यक्तित्व के नेता है। उनके दलित होने का उल्लेख बार-बार किया जाता है जो कि उचित नहीं है। उनकी योग्यता के साथ जाति ना चिपकाया जाए।

शिवसेना के मुखपत्र में कहा गया कि भारत में राष्ट्रपति नामधारी ही होता है। प्रधानमंत्री की मर्जी से ही वह लड़ता है और जीतकर आता है। रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति बनना तय है, चुनाव तो महज औपचारिकता है।