उद्धव ठाकरे 2019 में अकेले लड़ेंगे चुनाव, मोदी सरकार को बताया जुमलेबाज

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जून): 2019 के लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट साफतौर से राजनैतिक गलियारों में दिखाई दने लगी है। सभी राजनैतिक दल अपने-अपने हिसाब से शिवसेना से दूरी को पाटने के लिए अमित शाह ने उद्धव ठाकरे से भले ही मुंबई आकर मुलाकात की हो, लेकिन शिवसेना इस खाई को पाटने के मूड में नजर नहीं आ रही है। 

अगले लोकसभा चुनावों में शिवसेना के अकेले दम पर चुनाव लड़ने की बात दोहराते हुए उद्धव ठाकरे ने ऐलान किया है कि श्रीनिवास वनगा पालघर लोकसभा क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार होंगे. दिलचस्प बात है कि हाल ही में संपन्न लोकसभा उपचुनाव में वनगा बीजेपी उम्मीदवार राजेंद्र गाविते से हार गए थे। शिवसेना के 52वें स्थापना दिवस के मौके पर उद्धव ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से घर-घर जाने को कहा. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, ' आप लोग घर-घर जाइए और पता कीजिए कि केंद्र और राज्यसरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को मिल पा रहा है या नहीं। उन्होंने (बीजेपी) संपर्क फॉर समर्थन अभियान की शुरुआत की है, आप सत्य शोधन अभियान चलाइए. आप पता करिए कि लोगों को योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है या नहीं।उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव इसी साल दिसंबर में होंगे। यह चुनाव अप्रैल-मई में नहीं होंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे चुनावी तैयारी में जुट जाएं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री शिवसेना से होगा।उद्धव ठाकरे कहा, ' शिवसेना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुंबई-अहमदाबाद के बीच चल रही महत्वाकांक्षी योजना बुलेट ट्रेन का विरोध करेगी। पार्टी मुंबई-वड़ोदरा एक्सप्रेस-वे का भी विरोध करेगी. क्योंकि इन योजनाओं से महाराष्ट्र से ज्यादा गुजरात को लाभ मिलेगा। मुंबई से काम करने के लिए कोई अहमदाबाद नहीं जाता है बल्कि अहमदाबाद से ही लोग काम करने के लिए मुंबई आते हैं।शिवसेना के एक आंतरिक सूत्र ने मेल टुडे से बाताया कि पार्टी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने के मूड में है, लेकिन वह लोकसभा चुनाव बीजेपी के साथ ही लड़ेगी, क्योंकि ज्यादातर सांसदों का मानना है कि बीजेपी के साथ रहने ही वे एकजुट विपक्ष के सामने खड़े हो पाएंगे।