व्यापमं पर बोले शिवराज, कहा- मैं निर्दोष था इसलिए मिला क्लीनचिट

नई दिल्ली ( 1 नवंबर ): मध्यप्रदेश के सबसे चर्चित व्यापमं मामले में सीबीआई द्वारा क्लीन चिट मिलने पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम क्लीन थे तो चिट मिलनी ही थी। सच तो सामने आना ही था।

उन्होने कहा कि विपक्ष को आरोप लगाने का अधिकार है, लेकिन आरोपों में तथ्य होना चाहिए, केवल किसी को बदनाम करने के लिए आरोपों की झड़ी लगाकर किसी को बदनाम करना उचित नहीं है।

उन्होने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा कि मैदान में मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं इसलिए आरोप लगाकर छवि धूमिल करना ठीक नहीं है और राजनैतिक रुप से भी उचित परम्परा नहीं है।

बता दें कि सीबीआई ने मध्य प्रदेश में 2013 में हुए करोड़ों रुपये के व्यापमं परीक्षा घोटाले में मंगलवार को एक आरोप-पत्र दाखिल किया, जिसमें 490 लोगों के नाम शामिल हैं, लेकिन इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को क्लीनचिट दे दी गई है।

सीबीआई ने भोपाल की विशेष अदालत में आरोप-पत्र सौंपते हुए कहा कि इस मामले में मध्यप्रदेश पुलिस से जब्त एक हार्ड डिस्क ड्राइव के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। जिसका आरोप वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने लगाया था।

सीबीआई के आरोप-पत्र में कहा गया है, 'हमने व्यापम के तत्कालीन प्रधान सिस्टम एनलिस्ट के कंप्यूटर से 18 जुलाई, 2013 को जब्त किए गए हार्ड डिस्क ड्राइव के साथ छेड़छाड़ होने के दिग्विजय सिंह और एक अन्य व्यक्ति द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की।'

इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस विषय पर यात्रा के बाद ही बोलूंगा। बता दें कि इस समय दिग्विजय सिंह नर्मदा यात्रा पर हैं।