शिव'राज' में बर्बाद हो गई प्याज!

गोविंद गुर्जर, भोपाल(22 अगस्त): शाजापुर ज़िले के किहारे गांव में हज़ारों क्विंटल सड़ा हुआ प्याज़ गांव के किनारे बने तालाब में बहा दिया गया। इससे गांववालों को कई तरह की स्वास्थ से जुड़ी परेशानियां हुई तो गांव वालों ने इसकी शिकायत प्रशासन से की है।

- प्याज की पैदावार करने वाले किसानों को कम कीमत की मार से बचाने के लिए सरकार ने 10 लाख क्विंटल प्याज खरीद तो ली पर इसे बेचने में पसीना छूट रहा है। 4 रुपए किलो में भी इसके खरीदार नहीं मिल रहे हैं। अब तक सिर्फ 85 हजार क्विंटल प्याज बिकी है। इसे देखते हुए सरकार गरीबों को एक या दो रुपए की दर पर प्याज बेचने की तैयारी में है, लेकिन सरकार की ये तैयारी भी बेअसर साबित हो रही है क्यों कि गोदामों में रखा प्याज़ अब सड़ने लगा है।

- सूत्रों के मुताबिक राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को प्याज खरीदने से ज्यादा समस्या इसके भंडारण में आ रही है। दरअसल, सरकार के पास प्याज के भंडारण की पुख्ता व्यवस्था नहीं है।

- इसके कारण प्याज लगातार खराब हो रही है। इसे देखते हुए सरकार ने पहले कैंटीन, हॉस्टल, जेल सहित अन्य जगहों पर प्याज खपाने की कोशिश की, लेकिन ये कदम भी पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं।

- यही वजह है कि सरकार ने इस प्याज को राशन दुकानों के माध्यम से बीपीएल और अंत्योदय कार्डधारियों को एक या दो रुपए किलो में बेचने की रणनीति बनाई है। लेकिन सरकार की ये रणनीति भी खटाई में जाती दिख रही है प्याज़ सड़ने लगा है और इस सड़े हुए प्याज़ को ठिकाने लगाने के लिए गांव देहात के आसपास बने गढ़ों में प्याज फेंक जा रहा है जैसा कि शाजापुर जिले में देखने को मिल रहा है।