शिवराज ने महात्मा गांधी से कर डाली पीएम मोदी की तुलना

दाहोद (15 मई): मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना महात्मा गांधी से कर दी, जिसके बाद वह विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे पूरी दुनिया राष्ट्रपिता को उत्सुकता से सुनती थी, ठीक उसी तरह अब दुनिया मोदी को सुनती है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मौजूदगी में ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के दूसरे चरण की शुरुआत के मौके पर चौहान ने कहा कि पहले दुनिया महात्मा गांधी की ओर से कही जाने वाली हर बात को उत्सुकता से सुनती थी। आज दुनिया मोदी जी को सुनती है। अपने भाषण में शाह ने संपन्न लोगों से एलपीजी सब्सिडी छोड़ने के लिए मोदी की ओर से चलाई गई मुहिम की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा खाद्य पदाथरें की कमी से निपटने के लिए लोगों से एक वक्त का खाना स्वेच्छा से छोड़ने के लिए की गई अपील से की।

शाह ने कहा कि अपील पर लोगों की प्रतिक्रिया अभूतपूर्व थी। शायद पहले किसी प्रधानमंत्री को इतनी अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यदि हम पीछे मुड़कर देखें, तो शायद (पूर्व प्रधानमंत्री) लाल बहादुर शास्त्री ने देशवासियों से ऐसी ही अपील की थी कि वे दाल-चावल खाना छोड़ दें, इसे लोगों की अपार प्रतिक्रिया मिली और लोगों ने इसे खाना छोड़ दिया था। शाह ने कहा कि पीएम मोदी की अपील पर एक करोड़ लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ी है, जो कोई छोटी बात नहीं है। गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव से पहले किए गए वादे को निभाया है।

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी ने हमेशा गरीबों के लिए काम करने में यकीन किया है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें भारत को ईश्वर का उपहार करार दिया था। इस पर कांग्रेस ने निशाना साधते हुए कहा था कि क्या नायडू की टिप्पणी देवकांत बरूआ की उस टिप्पणी से अलग है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इंडिया इज इंदिरा एंड इंदिरा इज इंडिया। इस बयान के लिए बरूआ की काफी आलोचना हुई थी।